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Suzlon Energy पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का एक्शन, लगाया 260.35 करोड़ रुपए का जुर्माना, जानिए वजह

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 29, 2024, 01:48 PM IST

Suzlon Energy: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नेशनल फेसलेस असेसमेंट सेंटर ने रिन्युअल एनर्जी सॉल्युशन्स प्रोवाइड सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड पर 260.35 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

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Suzlon Energy पर आईटी डिपार्टमेंट का डंडा

Photo : BCCL

Suzlon Energy: रिन्युअल एनर्जी सॉल्युशन्स प्रोवाइडर सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड ने गुरुवार (28 मार्च) को कहा कि उस पर एसेसमेंट ईयर 2016-17 और 2017-18 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नेशनल फेसलेस असेसमेंट सेंटर ने 260.35 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। पेनाल्टी गुडविल पर डिप्रेसिएशन क्लेम की अस्वीकृति सेक्शन 14A के तहत और पीएफ या ईएसआई के देर से भुगतान के लिए सेक्शन 36(1) (VA) के तहत अस्वीकृति से संबंधित है। कंपनी ने जुर्माना आदेशों का विरोध करते हुए कहा कि ट्रब्यूनल मसलों के आधार पर कंपनी का मानना है कि अस्वीकृति के खिलाफ क्वांटम अपील के समापन तक जुर्माना कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए था।

मामला मेरिट के आधार पर ट्रब्यूनल में पेंडिंग

cnbctv18 की रिपोर्ट के मुताबिक सुजलॉन एनर्जी ने इस बात पर जोर डाला कि यह विषय अस्वीकृति के खिलाफ क्वांटम अपील अभी भी मेरिट के आधार पर ट्रब्यूनल के सामने पेंडिंग है, जिससे उनके विचार में जुर्माना आदेश समय से पहले आ गया। एक आधिकारिक बयान में सुजलॉन एनर्जी ने कहा कि कंपनी अपीलीय या न्यायिक मंचों के समक्ष इस पेनाल्टी आदेश को चुनौती देने की प्रक्रिया में है और मामले के तथ्यों और गुणों को ध्यान में रखते हुए अनुकूल न्यायिक समर्थन के साथ दंड आदेशों का बचाव करने को लेकर आश्वस्त है।

सुजलॉन एनर्जी पर लगाए गए जुर्माने की डिटेल

लगाए गए जुर्माने की डिटेल देते हुए सुजलॉन एनर्जी ने कहा कि सेक्शन 14A के तहत अस्वीकृति के लिए जुर्माना 35.11 करोड़ रुपए था। सेक्शन 32(1) के तहत गुडविल पर डिप्रेसिएशन की अस्वीकृति के लिए यह 132.48 करोड़ रुपए था और देर से भुगतान के कारण अतिरिक्त जुर्माना था। सेक्शन 36(1)(VA) के तहत पीएफ या ईएसआई की राशि 1.14 करोड़ रुपए थी, जिससे एसेसमेंट ईयर 2016-17 के लिए कुल जुर्माना 87.59 करोड़ रुपए हो गया।

एसेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए सेक्शन 14A के तहत अस्वीकृति के लिए जुर्माना 16.29 करोड़ रुपए था। गुडविल पर डिप्रेसिएशन की अस्वीकृति 231.83 करोड़ रुपए थी औरसेक्शन 36(1)(VA) के तहत पीएफ या ईएसआई के देर से भुगतान के कारण अतिरिक्त जुर्माना 1.47 करोड़ रुपए था। जिसके परिणामस्वरूप कुल 172.76 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा।

सुजलॉन एनर्जी के शेयर में भी गिरावट

सुजलॉन एनर्जी ने कहा कि कंपनी अपीलीय या न्यायिक फोरम के समक्ष पेनाल्टी आदेश को चुनौती देने की प्रक्रिया में है और अनुकूल न्यायिक मिसालों द्वारा समर्थित मामले के तथ्यों और गुणों के मद्देनजर पेनाल्टी आदेशों का बचाव करने के लिए आश्वस्त है। इसी बीच बीएसई पर सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयर 1.92 या 4.98% की गिरावट के साथ 40.47 रुपए पर बंद हुए।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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