बिजनेस

महीनों से बंद पड़े बैंक अकाउंट का क्या होता है, समझिए 'Dormant' और 'Inactive' Account का अंतर; कहीं फंस न जाए आपका पैसा

Inactive vs Dormant Bank Account: कई बार हम एक से ज्यादा बैंक अकाउंट तो खुलवा लेते हैं, लेकिन समय के साथ उनमें से कुछ का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। अगर आप भी अपने किसी पुराने खाते में महीनों या सालों से कोई लेन-देन नहीं कर रहे हैं तो यह बैंक की नजर में 'Inactive' या 'Dormant' अकाउंट हो सकता है।

Image

महीनों से बंद पड़े बैंक अकाउंट का क्या होता है (Photo: iStock)

Inactive vs Dormant Bank Account: आज के समय में बहुत से लोग एक से अधिक बैंक अकाउंट रखते हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के लिए एक से ज्यादा अकाउंट को मैनेज करना काफी चुनौतिपूर्ण हो सकता है। कई बार हम बैंक अकाउंट खुलवा तो लेते हैं लेकिन समय के साथ उसे भूल ही जाते हैं। ऐसे में क्या आपने सोचा है कि इस तरह के बैंक अकाउंट का क्या होता होगा? दरअसल, जिन बैंक अकाउंट में लंबे समय तक कोई लेन-देन नहीं होता बैंक उन्हें इनएक्टिव या डॉर्मेंट अकाउंट की कैटेगरी में डाल देते हैं।

डॉर्मेंट अकाउंट क्या होता है

डॉर्मेंट अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसमें लंबे समय तक कोई लेन-देन नहीं होता। आमतौर पर अगर एक से ज्यादा समय तक खाते में पैसे जमा करने या निकालने जैसी कोई एक्टिविटी नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय माना जाता है।

बैंक ऐसे खातों को डॉर्मेंट इसलिए घोषित करते हैं ताकि अगर खाता धारक लंबे समय तक उसे इस्तेमाल न करे, तो किसी तरह की अनधिकृत गतिविधि या धोखाधड़ी से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Reserve Bank of India (RBI) के नियमों के अनुसार अगर किसी सेविंग या करंट अकाउंट में दो साल से अधिक समय तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता, तो उसे डॉर्मेंट अकाउंट माना जाता है।

इनएक्टिव अकाउंट और डॉर्मेंट अकाउंट

  • हालांकि, इनएक्टिव अकाउंट और डॉर्मेंट अकाउंट के बीच में अंतर होता है। अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट में 3-12 महीने तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं करता है तो यह इनएक्टिव अकाउंट माना जाता है। वहीं, 12 महीने की अवधि पार होने के बाद यही अकाउंट डॉर्मेंट कहलाता है।
  • इनएक्टिव अकाउंट को तो एक सिंपल ट्रांजैक्शन के साथ एक्टिव किया जा सकता है, लेकिन डॉर्मेंट अकाउंट को रिएक्टिवेट करने के लिए इससे अधिक फॉर्मल प्रॉसेस फॉलो करने की जरूरत होती है।
  • इनएक्टिव अकाउंट को लेकर किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन डॉर्मेंट अकाउंट को लेकर परेशानी आ सकती है। बैंक इसे फ्रीज या प्रतिबंधित कर सकता है, जिससे कुछ सेवाओं का इस्तेमाल रोक दिया जाता है।

डॉर्मेंट अकाउंट को रिएक्टिवेट कैसे करें

डॉर्मेंट अकाउंट को कई तरीकों से रिएक्टिवेट करने का विकल्प मिलता है-

इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking)

इंटरनेट बैंकिंग में लॉग-इन करें और Service Requests में जाएं। फिर Activation of Inactive/Dormant Account चुनें और सभी जरूरी जानकारियों को भरकर सबमिट कर दें।

मोबाइल ऐप

बैंक के ऑफिशियल ऐप पर भी लॉग-इन कर Services में Activate Inactive/Dormant Account विकल्प मिल जाता है। जिससे अकाउंट को रिएक्टिवेट कर सकते हैं।

ईमेल

आपका खाता जिस भी बैंक में है, उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कस्टर केयर के ईमेल एड्रेस को खोजकर इस पर अकाउंट रिएक्टिवेट करने के लिए मेल कर सकते हैं।

कस्टमर केयर कॉल (Call Customer Care)

बैंक की ओर से ग्राहकों को कस्टमर केयर कॉल की सुविधा भी दी जाती है। आप अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर भी डॉर्मेंट अकाउंट को रिएक्टिवेट करवा सकते हैं।

ब्रांच विजिट (Visit a Branch)

डॉर्मेंट अकाउंट को रिएक्टिवेट करना चाहते हैं तो आप अपने नजदीकी बैंक शाखा में भी विजिट कर सकते हैं। वहां डॉर्मेंट अकाउंट को रिएक्टिवेट करवाने के लिए बैंक स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

End of Article