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Khari Baoli dry fruits market: अफगानिस्तान से बादाम, किशमिश और पिस्ता आना बंंद, मेवों की कीमतें छू सकती हैं आसमान!

Attari-Wagah border closed: अटारी-वाघा सीमा बंद होने के कारण अफगानिस्तान से सूखे मेवों के आयात पर संकट मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ दिनों में बाजार में इनकी कीमतें 20% तक बढ़ सकती हैं। वैकल्पिक रूप से यूएई और ईरान से सप्लाई का रास्ता अपनाया जा सकता है।

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10 दिन में सूखे मेवे 20% महंगे! अटारी सीमा बंदी से व्यापार पर पड़ा भारी असर

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • पहलगाम हमले के बाद भारत ने अटारी सीमा तत्काल प्रभाव से बंद की।
  • अफगानिस्तान से आने वाले सूखे मेवे जैसे बादाम, किशमिश और पिस्ता की सप्लाई प्रभावित।
  • व्यापारी वैकल्पिक सप्लाई चैन के तौर पर यूएई, ईरान और इराक पर नजर बनाए हुए हैं।

Dry Fruits import, Afghanistan trade crisis: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया गया है। इस फैसले से अफगानिस्तान से भारत में आने वाले सूखे मेवों के आयात पर गहरा असर पड़ सकता है। बादाम, किशमिश, खुबानी और पिस्ता जैसे सूखे मेवों की कीमतों में जल्द ही भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

क्या है मामला?

पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सीमा को बंद करने का कदम उठाया। बदले में पाकिस्तान ने भी भारत के साथ व्यापार पर रोक लगा दी। अफगानिस्तान के साथ भारत का अधिकांश व्यापार अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से होता था, जिससे अब सप्लाई चेन बाधित हो गई है।

कितना होगा असर?

आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने 2024-25 (अप्रैल-जनवरी) के दौरान अफगानिस्तान से 59.14 करोड़ डॉलर का आयात किया था, जिसमें 35.8 करोड़ डॉलर का सूखा मेवा शामिल था। दिल्ली के आयातकों का कहना है कि फिलहाल तो कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा, लेकिन 10 दिन बाद सप्लाई रुकने से कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी हो सकती है।

वैकल्पिक रास्ते भी तलाशे जा रहे

व्यापारियों के अनुसार, अब सूखे मेवे यूएई, ईरान और इराक जैसे देशों के जरिये भारत लाए जाएंगे, जो अफगान सूखे मेवों के लिए विकल्प बन सकते हैं।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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