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अगर ये 8 खुलासे नहीं किए तो आपका ITR हो सकता है रिजेक्ट, छोटी सी चूक करा देगी बड़ा नुकसान

Income Tax Defective ITR: Defective ITR का मतलब है कि यह वैसा ही माना जाएगा जैसे आपने ITR भरा ही नहीं। ऐसे में पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं वो 8 बातें जो ITR फाइलिंग के समय आपको बिलकुल भी नहीं भूलनी चाहिए...

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Defective ITR

अगर आपने भी अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है, दरअसल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय सिर्फ आय-खर्च ही नहीं, बल्कि कई ऐसी जानकारियां हैं जिनका ITR में जिक्र करना बहुत ही जरुरी होता है। अगर आप अपने ITR में इनका खुलासा नहीं करते हैं तो आपका ITR ‘Defective’ यानी दोषपूर्ण घोषित हो सकता है।

Defective ITR का मतलब है कि यह वैसा ही माना जाएगा जैसे आपने ITR भरा ही नहीं। ऐसे में पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं वो 8 बातें जो ITR फाइलिंग के समय आपको बिलकुल भी नहीं भूलनी चाहिए...

इन 8 बातों को न करें नजरअंदाज

1. विदेशी संपत्ति का खुलासा (Schedule FA)

अगर आप भारत में निवासी (ROR) हैं और आपके पास विदेश में भी बैंक अकाउंट, शेयर, फंड, बीमा, प्रॉपर्टी या सिग्नेचर अथॉरिटी है, तो अपने ITR फाइलिंग में इसे बताना जरुरी है। खुलासा न करने पर ₹10 लाख का जुर्माना और 6 महीने से 7 साल तक की जेल हो सकती है।

2. विदेशी आय का खुलासा (Schedule FSI)

अगर आपने विदेश से आय अर्जित की है आसान भाषा में कहें तो फॉरेन करेंसी में कमाई की है तो आपको उस पर चुकाए गए टैक्स की जानकारी देनी होगी। यह न करने पर भी जुर्माना और जेल का प्रावधान है।

3. क्रिप्टो और NFT (Schedule VDA)

आजकल लोग क्रिप्टो से भी खूब कमाई कर रहे हैं ऐसे में अगर आपने क्रिप्टो या NFT में निवेश किया है तो हर लेन-देन की पूरी जानकारी दें कब खरीदा, कब बेचा, कितने में खरीदा और कितने में बेचा। यहां नुकसान को समायोजित करने की अनुमति नहीं है।

4. गैर-सूचीबद्ध शेयर

अगर आपके पास किसी भी कंपनी के अनलिस्टेड शेयर हैं, तो कंपनी का नाम, PAN, खरीदी-बिक्री की तारीख और शेयर का मूल्य इनकम टैक्स रिटर्न में बताना जरूरी है।

5. डायरेक्टरशिप का खुलासा

अगर आप किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं तो आपको DIN नंबर, कंपनी का नाम, PAN और कंपनी लिस्टेड है या नहीं, इसकी जानकारी देनी होगी।

6. संपत्ति और देनदारियां (Schedule AL)

अगर आपकी आय ₹1 करोड़ से ज्यादा है तो आपको प्रॉपर्टी, ज्वेलरी, गाड़ी, शेयर/म्यूचुअल फंड, नकद, लोन और देनदारियों का विवरण देना अनिवार्य है।

7. पार्टनरशिप फर्म में हिस्सा (Schedule IF)

अगर आप किसी फर्म के पार्टनर हैं तो फर्म का नाम, PAN, आपका शेयर प्रतिशत और पारिश्रमिक की डिटेल देनी होगी।

8. बैंक अकाउंट और ITR सत्यापन

रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट करना होगा और ITR का ई-वेरिफिकेशन 30 दिन के भीतर करना जरूरी है।

क्यों जरूरी हैं ये खुलासे?

भारत में निवासी और सामान्य निवासी (ROR) को सभी विदेशी संपत्तियों और आय का खुलासा करना अनिवार्य है। इसमें न सिर्फ बैंक अकाउंट या प्रॉपर्टी बल्कि छोटे-बड़े सभी निवेश और यहां तक कि इनएक्टिव अकाउंट भी शामिल हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) अधिनियम, 2015 के तहत आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसमें भारी जुर्माना, मुकदमा और यहां तक कि 7 साल तक की जेल भी शामिल है।

इसलिए, ITR भरते समय सिर्फ आय और टैक्स पर ध्यान न देकर इन 8 खुलासों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वरना आपका ITR रिजेक्ट हो सकता है और आप बड़ी परेशानी में फंस सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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