Mudra Loan Defaulter : मुद्रा लोन (Mudra Loan) भारत में छोटी राशि बतौर उधार लेने का एक अच्छा ऑप्शन है। हालाँकि, बहुत से लोग इस लोन को नहीं चुका पाते हैं। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। अगर आप भी ऐसे लोगों में से हैं तो इस खबर को अंत तक पढ़ें और जानें कि मुद्रा योजना के तहत लोन न चुकाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है। यदि आप मुद्रा योजना के तहत लोन लेने की सोच रहे हैं तो भी नियम पहले से जानना ठीक रहेगा।
क्या है मुद्रा योजना
मुद्रा लोन सरकार की तरफ से दिए जाने वाले स्मॉल बिजनेस लोन (Small Business Loan) हैं जो लोगों को बिना किसी कोलेट्रोल के 10 लाख रु तक उधार लेने की सुविधा देते हैं। लोन बैंकों और एनबीएफसी (Non-Banking Finance Company) द्वारा दिए जाते हैं। लोन चुकाने की अवधि अलग-अलग कर्जदाता के पास अलग होगी। वैसे ये 12 से 48 महीने तक हो सकती है।
मुद्रा लोन डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई
मुद्रा लोन डिफॉल्टर्स के खिलाफ सरकार कानूनी कार्रवाई कर सकती है। बैंक या एनबीएफसी लोन लेने वाले से अपने लोन की पूरी राशि और ब्याज और जुर्माने का भुगतान करने के लिए करेगा। पर सरकार को अदालत में दीवानी मुकदमा (Civil Suit) दायर करने और बकाएदारों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही करने का भी अधिकार है।
गारंटर के खिलाफ कार्रवाई
लोनसेटलमेंट के अनुसार सरकार मुद्रा लोन के गारंटर के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। गारंटर की कोलेट्रोल के रूप में गिरवी रखी गई किसी भी संपत्ति को जब्त किया जा सकता है और उसे पूरा लोन चुकाने के लिए भी कहा जा सकता है।
लोन डिफॉल्ट से बचें
यदि आप लोन चुकाने में असमर्थ हैं, तो बाकी उपलब्ध रीपेमेंट प्लान पर चर्चा करने के लिए जितनी जल्दी हो सके कर्जदाता से संपर्क करें। दूसरी बात मुद्रा लोन सहित अपनी सभी फाइनेंशियल जिम्मेदारियों पर नजर रखना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उस लिमिट से अधिक उधार नहीं ले रहे हैं, जितना चुकाने की आपकी क्षमता है।
