EPFO Complaint: हर कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों का EPF का पैसा सैलरी से काटकर उनके पीएफ खाते में जमा करना जरूरी है। कर्मचारी और एम्प्लॉयर पीएफ अकाउंट में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी हिस्सा जमा करते हैं। कंपनी के लिए इस 12 फीसदी में से 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा करना होता है, जबकि बाकी 3.67 फीसदी पैसा पीएफ खाते में।
ईपीएफओ (EPFO) पीएफ खाताधारकों को मैसेज के जरिए हर महीने उनके खाते में जमा होने वाले पैसे पर अपडेट देता है। मगर यदि कंपनी अपना हिस्सा आपके पीएफ अकाउंट में जमा न करे तो क्या करना चाहिए? आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। इससे आपको आपका सारा पीएफ का पैसा मिलेगा।
कैसे करें शिकायत
आप ईपीएफओ के पोर्टल पर जाकर शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए इस लिंक पर जाएं। आप इस मेल आईडी (employeefeedback@epfindia.gov.in) पर ईमेल भी कर सकते हैं। साथ ही टोल-फ्री नंबर 14470 पर कॉल भी की जा सकती है।
कंपनी पर क्या होगी कार्रवाई
जब आप शिकायत कर देंगे तो ईपीएफओ कंपनी से पूछताछ करेगी। अगर ये पाया जाता है कि कंपनी ने पीएफ का पैसा काटा मगर कर्मचारी के खाते में जमा नहीं किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। साथ ही कंपनी को देर से पैसा जमा करने पर ब्याज और चार्ज भी देना पड़ सकता है।
कितना लगेगा ब्याज और चार्ज
- दो महीने तक कर्मचारी का पीएफ जमा न करने पर सालाना 5 फीसदी की दर से एरियर लगेगा
- दो महीने से ज्यादा पर 4 महीने से कम पर सालाना 10 फीसदी एरियर लगेगा
- चार से 6 महीने तक पीएफ न दिया जाए तो सालाना 15 फीसदी एरियर लगेगा
- 6 महीने से ज्यादा का पीएफ न दिया जाए तो सालाना 25 फीसदी तक चार्ज लगेगा
क्या है कंपनी के लिए नियम
आप ईपीएफओ पोर्टल पर हर माह पीएफ खाते में पैसा आया कि नहीं ये चेक कर सकते हैं। बता दें कि नियमों के अनुसार कंपनी को हर महीने के पीएफ का पैसा अगले 15 दिन में जमा करना जरूरी है। अगर वे ऐसा न कर पाए तो चार्ज देना होगा।
