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ICICI Prudential AMC की बाजार में दमदार एंट्री, इश्यू प्राइस से 20 फीसदी ऊपर हुई लिस्टिंग

ICICI Prudential AMC IPO : फंड मैनेजमेंट कंपनी ICICI Prudential AMC की भारतीय बाजार में दमदार एंट्री हुई है। शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे शेयरों की NSE/BSE पर इश्यू प्राइस 2,165 रुपये की जगह 2,600 रुपये पर एंट्री हुई. इस इस शेयर इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 20 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए हैं।

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आपीओ को लेकर रहा था क्रेज (फोटो क्रेडिट, ICICI)

ICICI Prudential AMC Listing: भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते IPO लिस्टिंग का जबरदस्त एक्शन देखने को मिला। 15 से 19 दिसंबर के बीच मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में कुल 10 कंपनियों के शेयर बाजार में उतरे। इस दौरान सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) ने, जो मजबूत प्रीमियम के साथ लिस्ट होकर निवेशकों की उम्मीदों पर खरी उतरी है।

पहले ही दिन बड़ा फायदा

फंड मैनेजमेंट कंपनी ICICI Prudential AMC के शेयर शुक्रवार को NSE और BSE पर 2,606 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुए, जबकि इसका इश्यू प्राइस 2,165 रुपये था। यानी लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को करीब 20.38% का प्रीमियम मिला। ओपनिंग सेशन में शेयर प्राइस 2,663.40 रुपये तक पहुंच गई। लिस्टिंग के बाद शेयर इश्यू प्राइस से 447 रुपये ऊपर करीब 2,610 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा, जिससे यह साफ हुआ कि संस्थागत और लॉन्ग टर्म निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर मजबूत है। बाजार जानकारों के मुताबिक, मजबूत सब्सक्रिप्शन, AMC बिजनेस में स्केल और लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ इस स्टॉक के पक्ष में जाती दिख रही है।

सही साबित हुए GMP के आंकड़े

देश की दिग्गज फंड मैनेजमेंट कंपनी ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) ने IPO के जरिए बाजार से 10,600 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस IPO को लेकर पहले से ही माहौल पॉजिटिव था। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी 375–385 रुपये के आसपास चल रहा था, जो इश्यू प्राइस पर करीब 13 से 17 फीसदी लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा था। वहीं, बाजार में हुई वास्तविक लिस्टिंग ने GMP के संकेतों को सही साबित किया और निवेशकों की उम्मीदों पर कंपनी खरी उतरी

कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन?

सब्सक्रिप्शन के आंकड़े भी ICICI Prudential AMC की ताकत को साफ दिखाते हैं। IPO को कुल मिलाकर 39 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें सबसे बड़ा योगदान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का रहा, जिन्होंने इस इश्यू को करीब 124 गुना सब्सक्राइब किया। यह आंकड़ा साफ बताता है कि बड़े निवेशक इस कंपनी को लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देख रहे हैं।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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