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बिना प्रॉपर्टी खरीदे रियल एस्टेट में कैसे करें निवेश? यहां समझें कमाई का पूरा हिसाब

REITs (Real Estate Investment Trusts) छोटे निवेशकों के लिए एक आसान और स्मार्ट विकल्प बनकर सामने आया है जिसमे आप बिना प्रॉपर्टी खरीदे रियल एस्टेट में निवेश कर सकते हैं। ये आपको प्रॉपर्टी मार्केट में पैसा लगाने का मौका देते हैं, वो भी बिना कोई जमीन या बिल्डिंग खरीदे। आइए जानते हैं कि इसमें कैसे निवेश किया जा सकता है और इससे कमाई कैसे होती है।

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Real Estate Investment

ज्यादातर भारतीयों के लिए रियल एस्टेट में निवेश करना हमेशा से बड़ा सपना रहा है। लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच फ्लैट, ऑफिस या शॉप खरीदना आसान नहीं है। इसके लिए भारी डाउन पेमेंट, लंबी EMI और ढेर सारा पेपरवर्क झेलना पड़ता है। ऐसे में REITs (Real Estate Investment Trusts) छोटे निवेशकों के लिए एक आसान और स्मार्ट विकल्प बनकर सामने आते हैं। यह आपको प्रॉपर्टी मार्केट में पैसा लगाने का मौका देते हैं, वो भी बिना किसी जमीन या बिल्डिंग के मालिक बने। आइए बताते हैं आप बिना प्रॉपर्टी खरीदे इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं और कैसे कमाई होगी?

REITs क्या हैं?

REITs को म्यूचुअल फंड की तरह समझा जा सकता है। फर्क बस इतना है कि ये शेयर या बॉन्ड में निवेश नहीं करते, बल्कि कई निवेशकों का पैसा मिलाकर बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स जैसे ऑफिस बिल्डिंग, मॉल, होटल या वेयरहाउस में लगाते हैं। इनसे मिलने वाला किराया सीधे निवेशकों में डिविडेंड के रूप में बांटा जाता है।

REITs क्यों फेमस हो रहा?

भारत में कुछ ही REITs लिस्टेड हैं, जैसे Embassy Office Parks, Mindspace Business Parks और Brookfield India। बड़ी शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में REITs छोटे निवेशकों को सिर्फ ₹10,000 से शुरुआत करने का मौका देते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ये स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते हैं, यानी इन्हें शेयर की तरह कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है। इससे पारंपरिक प्रॉपर्टी निवेश की तुलना में ये ज्यादा लिक्विड हैं।

REITs से कमाई कैसे होती है?

REITs से कमाई दो तरीके से होती है। पहला रेंटल इनकम इमारतों से मिलने वाला किराया सीधे निवेशकों में डिविडेंड के रूप में बांटा जाता है। दूसरा कैपिटल गेन REIT यूनिट्स की कीमत बढ़ने पर आप बेचकर फायदा कमा सकते हैं।

भारत में लिस्टेड REITs को अपनी नेट डिस्ट्रिब्यूटेबल कैश फ्लो का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों में बांटना जरूरी होता है, इसलिए इससे नियमित आय मिलने की संभावना रहती है।

REITs में जोखिम

REITs पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। इनके प्रदर्शन पर यह निर्भर करता है कि ऑफिस और रिटेल स्पेस कितने भरे हैं और किराए की मांग कैसी है। अगर ऑफिस स्पेस खाली हो या मॉल्स में कम लोग आएं, तो किराए की आय कम हो सकती है। साथ ही, मार्केट में ट्रेड होने के कारण REIT की कीमतें ब्याज दर और निवेशकों के मूड के हिसाब से ऊपर-नीचे हो सकती हैं।

भारत में REITs में निवेश कैसे करें

REIT में निवेश आसान है। आप NSE या BSE के जरिए सीधे REIT यूनिट्स खरीद सकते हैं, जैसे शेयर खरीदे जाते हैं। या फिर उन म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं जो REITs में पैसा लगाते हैं। इसमें एंट्री कॉस्ट कम, पेपरवर्क लगभग नहीं और आपको एक साथ कई अच्छे प्रोजेक्ट्स में निवेश का फायदा मिलता है।

REITs छोटे निवेशकों के लिए रियल एस्टेट में पैसा लगाने का एक स्मार्ट और सुविधाजनक तरीका हैं, जिससे आप बिना भारी रकम और जटिलताओं के अपने पैसे को प्रॉपर्टी मार्केट में बढ़ा सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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