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हेल्थ इंश्योरेंस चुनने का सही तरीका क्या है? जानें फ्लोटर से लेकर टॉप-अप तक

Health Insurance: स्वास्थ्य बीमा आज जरूरी है। सही प्लान चुनते समय कवरेज, परिवार की जरूरत, टॉप-अप विकल्प और अस्पताल नेटवर्क देखें, ताकि बढ़ते इलाज खर्च से आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

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स्वास्थ्य बीमा कैसे चुनें: फ्लोटर से लेकर टॉप-अप तक आसान गाइड

Photo : iStock

Health Insurance : आज के समय में स्वास्थ्य सेवाओं की लागत तेजी से बढ़ रही है। एक छोटा सा मेडिकल इमरजेंसी (medical insurance) भी आपकी सालों की बचत को खत्म कर सकता है। खासकर बड़े शहरों में अस्पताल का खर्च इतना ज्यादा होता है कि बिना हेल्थ इंश्योरेंस के इलाज कराना मुश्किल हो जाता है। इसलिए स्वास्थ्य बीमा लेना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरुरत बन चुका है। लेकिन सिर्फ बीमा लेना ही काफी नहीं है, सही बीमा चुनना उससे भी ज्यादा जरूरी है।

बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस क्यों नहीं होता पर्याप्त

अक्सर लोग कम प्रीमियम देखकर सस्ता बीमा खरीद लेते हैं, लेकिन ये प्लान पूरे इलाज का खर्च नहीं उठा पाते। मेडिकल महंगाई के कारण सामान्य इलाज भी लाखों में पहुंच सकता है। ऐसे में छोटी कवरेज वाली पॉलिसी से सिर्फ कुछ हिस्सा ही कवर होता है और बाकी खर्च मरीज को अपनी जेब से देना पड़ता है। इसलिए केवल पॉलिसी होना नहीं, बल्कि पर्याप्त कवरेज होना जरूरी है।

व्यक्तिगत और फैमिली फ्लोटर प्लान में अंतर

हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय सबसे बड़ा फैसला होता है कि व्यक्तिगत प्लान लें या फैमिली फ्लोटर।

व्यक्तिगत बीमा योजना

इस प्लान में हर व्यक्ति के लिए अलग बीमा राशि होती है। इसका फायदा यह है कि एक सदस्य का क्लेम दूसरे की कवरेज को प्रभावित नहीं करता। बुजुर्ग या पहले से बीमार लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि उन्हें ज्यादा इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

फैमिली फ्लोटर योजना

इसमें पूरे परिवार के लिए एक ही बीमा राशि होती है। यह प्लान सस्ता पड़ता है और युवा परिवारों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जिनमें गंभीर बीमारी का जोखिम कम होता है। लेकिन अगर एक ही साल में ज्यादा क्लेम हो जाएं तो पूरी कवरेज जल्दी खत्म हो सकती है।

टॉप-अप और सुपर टॉप-अप प्लान क्या होते हैं

अगर आपके पास पहले से हेल्थ इंश्योरेंस है लेकिन कवरेज कम लग रही है, तो टॉप-अप प्लान मदद कर सकते हैं।

टॉप-अप प्लान

यह प्लान तब काम करता है जब आपका मेडिकल बिल एक तय सीमा (डिडक्टिबल) से ज्यादा हो जाता है। उदाहरण के लिए अगर डिडक्टिबल 5 लाख रुपये है, तो उससे ऊपर का खर्च ही बीमा कंपनी देती है।

सुपर टॉप-अप प्लान

यह टॉप-अप से ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि इसमें सालभर में कई बार होने वाले खर्च भी कवर हो सकते हैं, बशर्ते वे डिडक्टिबल से ऊपर हों। यह लंबे समय में ज्यादा सुरक्षा देता है।

कितना बीमा कवर पर्याप्त है

सही बीमा राशि चुनना बहुत जरूरी है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस शहर में रहते हैं, आपकी उम्र क्या है और परिवार में कितने लोग हैं। मेट्रो शहरों में इलाज बहुत महंगा होता है, इसलिए वहां ज्यादा कवरेज की जरुरत होती है। बुजुर्ग लोगों या पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए भी ज्यादा कवर जरूरी होता है। अगर परिवार बड़ा है तो जोखिम भी बढ़ जाता है, इसलिए बीमा राशि भी अधिक होनी चाहिए।

कम बीमा लेने के नुकसान

अगर आप कम कवरेज लेते हैं, तो बड़े ऑपरेशन या गंभीर बीमारी के समय आपको भारी खर्च खुद उठाना पड़ सकता है। कई बार अस्पताल की शर्तों जैसे रूम रेंट लिमिट या इलाज की सीमा के कारण पूरा खर्च कवर नहीं होता। ऐसे में बीमा होने के बावजूद आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। यह स्थिति भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकती है।

सही पॉलिसी चुनने के जरूरी टिप्स

बीमा चुनते समय सिर्फ प्रीमियम पर ध्यान देना सही नहीं है। आपको यह भी देखना चाहिए कि कंपनी के कौन-कौन से अस्पताल नेटवर्क में हैं, क्लेम सेटलमेंट रेट कितना है और प्रीमियम के अलावा पॉलिसी में क्या-क्या शर्तें हैं। खासकर वेटिंग पीरियड, पहले से मौजूद बीमारियों की कवरेज और सब-लिमिट जैसी चीजें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हें नजरअंदाज करने पर बाद में दिक्कत हो सकती है।

स्वास्थ्य बीमा चुनना एक सोच-समझकर लिया जाने वाला फैसला है। सही प्लान, पर्याप्त कवरेज और जरूरी ऐड-ऑन के साथ बीमा आपको भविष्य में आर्थिक सुरक्षा दे सकता है। बढ़ती मेडिकल लागत को देखते हुए आज लिया गया सही फैसला आने वाले समय में आपके और आपके परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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