Working Hours: सप्ताह में 70 घंटे और 90 घंटे काम करने की वकालत के बीच देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के बेटे और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी (Akash Ambani) ने शुक्रवार (28 फरवरी) को कहा कि उनके लिए किसी दफ्तर में बिताए गए कामकाजी घंटों से ज्यादा काम की गुणवत्ता मायने रखती है। अंबानी की यह टिप्पणी प्रति सप्ताह वर्किंग प्लेस पर बिताए जाने वाले घंटों की संख्या को लेकर जारी बहस के बीच आई है।
'काम के घंटे नहीं, वर्क क्वालिटी चाहिए'
मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी (Akash Ambani) ने कहा कि काम और परिवार दोनों ही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं और किसी व्यक्ति के लिए जीवन में अपनी प्राथमिकताओं को जानना बहुत महत्वपूर्ण है। आकाश अंबानी ने 'मुंबई टेक वीक' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इसके बारे में (काम पर बिताए जाने वाले समय के बारे में) समय और घंटों की मात्रा के लिहाज से नहीं सोचता। यह आपके हर दिन किए जाने वाले काम की गुणवत्ता के बारे में है।
सप्ताह में 90 घंटे काम की वकालत
लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यम (SN subrahmanyam) ने अपने कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे काम करने की सलाह दी थी। इसके बाद इस बहस सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। फिर इस प्रस्ताव को लेकर उद्योग जगत से भी मिली-जुली प्रतिक्रिया आई।
सप्ताह में 70 घंटे काम की वकालत
इनसे पहले इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति (Narayana murthy) ने सप्ताह में 70 घंटे काम करने का सुझाव दिया था। इनके सुझाव का किसने समर्थन किया तो किसने जमकर विरोध किया। काफी बहस हुई। कुछ लोगों का मानना है कि यह सुझाव सभी के लिए सही नहीं है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि सप्ताह में 70 घंटे काम करने से सेहत खराब होती है और कर्मचारियों की परफॉर्मेंस पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
एक तबका ने 50 घंटे काम की वकालत
भारतीय कंपनी जगत के अधिकारियों ने हाल के दिनों में कामकाजी घंटों को लेकर अलग-अलग राय जताई है। किसी ने हफ्ते में 90 घंटे तक काम करने और परिवार की जगह काम को प्राथमिकता देने की वकालत की तो किसी ने उन घंटों से मिलने वाले परिणामों के पक्ष में बात की है। वहीं एक तबका प्रति सप्ताह 50 घंटे से कम काम करने के पक्ष में है।
अंबानी बोले- AI पर कर रहे हैं काम
आकाश अंबानी (Akash Ambani) ने कहा कि उनकी कंपनी ने कृत्रिम मेधा (AI) के मोर्चे पर मार्गदर्शन के लिए 1,000 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की एक टीम बनाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी जामनगर में एक गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर भी बना रही है, जो देश की AI जर्नी में मदद करेगा। इसके अलावा कंपनी व्यापक परिवेश के लाभ के लिए ग्राफिक प्रसंस्करण यूनिट (GPU) की पेशकश पर भी विचार कर रही है।
