हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित हो। बच्चों की पढ़ाई, करियर, शादी या भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते निवेश शुरू करना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है। ऐसे में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक ऐसा विकल्प है, जिसे लंबे समय के सुरक्षित निवेश के लिए काफी पसंद किया जाता है। सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें जोखिम कम होता है और कंपाउंडिंग की वजह से लंबे समय में अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।
बच्चे के नाम पर खुलवाएं PPF अकाउंट
माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इस खाते को अभिभावक बच्चे की ओर से संचालित करते हैं। जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो खाते की जिम्मेदारी बच्चे के नाम पर ट्रांसफर की जा सकती है। बच्चों के भविष्य के लिए PPF में जल्दी निवेश शुरू करने का फायदा यह होता है कि निवेश को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है और कंपाउंडिंग का लाभ बेहतर तरीके से मिलता है।
हर महीने 5,000 निवेश करने पर कितना बनेगा फंड?
मान लीजिए कोई माता-पिता अपने बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोलते हैं और हर महीने 5,000 रुपये जमा करते हैं। इस हिसाब से सालाना निवेश राशि 60,000 रुपये होगी। PPF में वर्तमान में 7.1% सालाना ब्याज दर के आधार पर कैलकुलेशन किया जाए तो 15 साल की लॉक-इन अवधि पूरी होने के बाद निवेशक को करीब 16,27,284 रुपये (Monthly 5000 PPF Return) मिलेंगे। इसमें कुल निवेश राशि 9,00,000 रुपये और 7,27,284 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त किए जा सकेंगे।
अगर बच्चा छोटा है और माता-पिता उसके बचपन से ही निवेश शुरू कर देते हैं, तो खाते को आगे भी नियमों के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। PPF में 15 साल की मैच्योरिटी के बाद इसे 5-5 साल की अवधि के लिए आगे बढ़ाने का विकल्प भी उपलब्ध होता है। इससे निवेश को लंबे समय तक जारी रखकर बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
PPF में निवेश के फायदे
PPF की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा और टैक्स सुविधा है। यह सरकार समर्थित योजना है, इसलिए इसमें बाजार से जुड़े निवेश की तरह उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं होता। इसके अलावा PPF में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स नियमों के अनुसार लाभ प्रदान करती है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि PPF एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, लेकिन इसमें लंबी लॉक-इन अवधि होती है। इसलिए निवेश करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि आपको अगले कुछ वर्षों में इस पैसे की जरूरत तो नहीं पड़ेगी। इसके अलावा PPF में जमा की जाने वाली कुल राशि पर सरकार द्वारा तय सीमा लागू होती है। अभिभावक और बच्चे के खाते में निवेश की सीमा से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है।
