अटके हुए फ्लैट्स की बढ़ी उम्मीद! जानिए 15,000 करोड़ के SWAMIH फंड का फायदा आपको मिलेगा या नहीं?
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Feb 5, 2026, 10:46 AM IST
सालों से अपने घर की चाबी का इंतजार कर रहे लाखों होमबायर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। आम बजट 2026-27 में सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये के स्वामीह फंड-2 (SWAMIH Fund 2.0) का एलान कर अटकी हुई हाउसिंग परियोजनाओं में नई जान फूंक दी है। यह फंड उन लाखों मिडिल क्लास परिवारों के लिए 'संजीवनी' की तरह है जिनका पैसा फंड की कमी के कारण अधर में लटका हुआ था।
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आम बजट 2026-27 ने उन लाखों घर खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जो सालों से अपने सपनों के आशियाने की चाबी मिलने का इंतजार कर रहे थे। इस बार सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी टॉप प्रायोरिटी पर रखा है, जिससे न केवल नए घर और हाईवे बनेंगे, बल्कि अटकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं (Stalled Projects) को भी नई जिंदगी मिलेगी। बजट में रेलवे कॉरिडोर, नेशनल हाईवे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की घोषणा की गई है, जो शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में घरों और प्लॉटों की डिमांड को सुपरचार्ज करने वाला है। लेकिन सबसे बड़ी खबर उन मिडिल क्लास परिवारों के लिए है, जिनका पैसा सालों से अधूरे प्रोजेक्ट्स में फंसा हुआ है।
SWAMIH फंड 2.0 घर खरीदारों के लिए 'संजीवनी'
इस बजट का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक 15,000 करोड़ रुपये के स्वामीह फंड-2 (SWAMIH Fund-2.0) का ऐलान है। क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता के अनुसार, यह फंड रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। स्वामीह फंड विशेष रूप से अफोर्डेबल (Affordable) और मिड-इन्कम हाउसिंग के लिए बनाया गया है। इसके पहले चरण से पहले ही 50,000 से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब नए फंड का लक्ष्य 1 लाख से अधिक अतिरिक्त आवासीय इकाइयों (Residential Units) को पूरा करना है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन लोगों के फ्लैट बजट की कमी के कारण रुके हुए थे, उन्हें अब राहत मिलने वाली है। यह कदम न केवल घरों का निर्माण पूरा करेगा, बल्कि करीब 40,000 से 60,000 करोड़ रुपये की अटकी हुई इन्वेंट्री को बाजार में वापस लाएगा।
किसे मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट केवल घर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास का इंजन है। निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित 12.2 लाख करोड़ रुपये आवासीय मांग को 'सुपरचार्ज' करेंगे। लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि SWAMIH फंड का मुख्य फोकस मिडिल क्लास और अफोर्डेबल हाउसिंग पर है, न कि बहुत महंगे लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर। सरकार की कोशिश है कि उन प्रोजेक्ट्स को पहले पूरा किया जाए जहाँ आम आदमी की मेहनत की कमाई फंसी हुई है। इसके साथ ही, डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स हॉलिडे जैसे कदमों से कमर्शियल रियल एस्टेट में भी भारी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इंडस्ट्रियल हब और रोजगार का नया कनेक्शन
विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह और अन्य डेवलपर्स का मानना है कि सेमीकंडक्टर और पावर जैसे उद्योगों पर सरकारी जोर से नए इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स बनेंगे। जब नए कारखाने और ऑफिस खुलेंगे, तो वहां काम करने वाले लोगों के लिए आवासीय टाउनशिप की जरूरत भी बढ़ेगी। दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों में अब ऑफिस स्पेस और संगठित रिटेल (Shopping Malls) में भी सुधार दिख रहा है। हाइब्रिड वर्क कल्चर और ई-कॉमर्स के कारण बड़े वेयरहाउस और ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
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