क्रिकेट

देवदत्त पडिक्कल के ऐतिहासिक शतक के बाद आकाश चोपड़ा ने इस भारतीय बल्लेबाज को दे डाली चेतावनी

Aakash Chopra On Devdutt Padikkal's Century And Warning for Sai Sudharsan: टीम इंडिया में कई बार ऐसी स्थितियां आई हैं जब किसी एक खिलाड़ी की चोट, किसी दूसरे खिलाड़ी का फायदा बन गई है। इस बार भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में ऐसा देवदत्त पडिक्कल के साथ हुआ है और साई सुदर्शन चोटिल होने के कारण टीम से बाहर रहने पर मजबूर हो गए। इसको लेकर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय दी है।

Image

देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक

Photo : AP

देवदत्त पडिक्कल ने दो साल बाद टीम इंडिया में शानदार वापसी की और गाले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 167 रनों की बेहतरीन पारी खेली। पडिक्कल को शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन साई सुदर्शन के समय पर फिट न हो पाने के कारण इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ की वापसी का रास्ता खुल गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने पडिक्कल की पारी पर बात करते हुए कहा कि इससे साई सुदर्शन पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि वे पहले मिले मौकों का सही फ़ायदा नहीं उठा पाए थे। चोपड़ा ने आगे कहा कि अगर पडिक्कल दूसरे टेस्ट में भी बड़ा स्कोर बनाते हैं, तो सिलेक्शन कमिटी के लिए एक सुखद दुविधा वाली स्थिति बन जाएगी।

चोपड़ा ने अपने YouTube चैनल पर कहा, "अब साई पर दबाव बढ़ेगा। उन्हें मौके मिल रहे थे, लेकिन साई अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए, और मुझे लगता है कि अब उन पर दबाव महसूस होगा। पहला मैच तो अच्छा रहा ही है, और अगर देवदत्त पडिक्कल के लिए दूसरा मैच भी अच्छा रहता है, तो सिलेक्शन कमिटी को एक बहुत दिलचस्प फ़ैसला लेना होगा।"

भारत इस साल के आखिर में न्यूज़ीलैंड में दो टेस्ट मैच खेलेगा, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज़ से यह सीरीज बहुत अहम होगी। आकाश चोपड़ा ने कहा कि श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन पडिक्कल को टीम में पक्की जगह दिला देगा। उन्होंने कहा, "जब आप टेस्ट सीरीज़ के लिए न्यूज़ीलैंड जाएंगे, तो वहां भी सिर्फ दो ही टेस्ट होंगे। क्या आप साई को चुनेंगे या देवदत्त पर दांव लगाएंगे? क्योंकि इस समय देवदत्त लगभग ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां उन्हें टीम से बाहर करना मुश्किल होगा। मुझे ऐसा ही लगता है।"

टीम से बाहर किए जाने से पहले, पडिक्कल ने WTC 2025 फ़ाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया में भारत के लिए आखिरी बार खेला था। उन्होंने अपने मौके के लिए लगभग डेढ़ साल तक इंतज़ार किया और उसका पूरा फ़ायदा उठाया। चोपड़ा ने डेब्यू के बाद से पडिक्कल को मिले सीमित मौकों का ज़िक्र किया और कहा कि घरेलू क्रिकेट में उनकी मेहनत अब उनके खेल में साफ दिखती है।

उन्होंने कहा, "असल बात तो यह है कि यह उनका सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच है। उनका इंटरनेशनल करियर ढाई साल का रहा है। उन्होंने धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ़ डेब्यू किया था। उसके बाद, उन्होंने पर्थ में एक मैच खेला। उन्हें वहाँ दो पारियां जरूर मिलीं, लेकिन उसके बाद डेढ़ साल तक उन्होंने भारत के लिए कोई क्रिकेट नहीं खेला। वह बस इंतज़ार कर रहे थे। वह फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट में रन बना रहे थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा था। अब जब उन्हें मौका मिला है, तो उन्होंने शतक लगाया है और शानदार खेल दिखाया है। वह स्पिन और तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ बैक फ़ुट और फ़्रंट फ़ुट दोनों पर बहुत अच्छे से बैटिंग करते हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने जो कड़ी मेहनत की है, उससे पता चलता है कि वह अब परिपक्व हो गए हैं और तैयार हैं।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article