बिजनेस

देश के प्रमुख शहरों में किराये में उछाल, घर खरीदने की दरों हो सकती है बढ़ोतरी, मैजिकब्रिक्स की रिपोर्ट में दावा

Residential Investment: मैजिकब्रिक्स की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक देश के 13 प्रमुख शहरों में औसत किराये में उछाल आया है। रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसको देखते हुए रियल एस्टेट में निवेश तेज हो सकता है।

Image

घर खरीदारी में आ सकती है तेजी

Residential Investment: मैजिकब्रिक्स की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेंटल बाजार में उछाल देखा जा रहा है, क्योंकि 13 प्रमुख शहरों में औसत किराया 3.62% बढ़ गया है। रिपोर्ट में चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। चेन्नई ने किराये में उल्लेखनीय 21.3% तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि दर्ज की, जबकि दिल्ली में 8.8% की वृद्धि देखी गई।

मैजिकब्रिक्स के चीफ मार्केटिंग अधिकारी प्रसून कुमार ने बढ़ते निवेश परिदृश्य पर कहा कि दशकों से, घर खरीदने वाले मुख्य रूप से व्यक्तिगत उपयोग या प्राइमरी रेजिडेंस के लिए प्रॉपर्टी चाहते थे। हालांकि आज का डायनामिक रियल एस्टेट बाजार उस प्रवृत्ति को बदल रहा है, जिसमें आवासीय निवेश बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। बढ़ते किराये की प्रतिफल से उत्साहित होकर हम उम्मीद करते हैं कि कई खरीदार कई प्रॉपर्टी निवेशों की तलाश करेंगे, यहां तक कि ऐसा करने के लिए लोन का लाभ भी उठा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा किराया बेंगलुरु या दिल्ली जैसे पारंपरिक निवेश केंद्रों में नहीं बल्कि अहमदाबाद, हैदराबाद, कोलकाता और पुणे में है। ये शहर उन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं जो किराये से होने वाली आय को अधिकतम करना चाहते हैं। अहमदाबाद 3.9% किराये से आय की लिस्ट में सबसे ऊपर है। शहर का औसत मासिक किराया सालाना आधार पर 16.9% बढ़कर 19.35 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है, जबकि प्रॉपर्टी की कीमतें औसतन 5,927 रुपये प्रति वर्ग फुट हैं। किफायती प्रॉपर्टी रेट और मजबूत किराये की मांग का कॉम्बिनेशन अहमदाबाद को निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाता है।

हैदराबाद में किराये की वृद्धि 2024 की दूसरी तिमाही में 3.5% से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 3.7% हो गई। औसत मासिक किराया 28.2% सालाना वृद्धि के साथ 25.17 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया, जबकि आवासीय कीमतों में मामूली 6.2% सालाना वृद्धि हुई और यह 8,188 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।

इसी तरह कोलकाता 3.7% की रेंटल वृद्धि के साथ बायलेंस्ड मार्केट डायनामिक प्रदान करता है। औसत किराए में सालाना आधार पर 12.9% की वृद्धि हुई और यह 22.14 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया, जिससे ऐसे निवेशक आकर्षित हुए जो अपने किफायती जीवन और बढ़ते रोजगार अवसरों के लिए जाने जाने वाले शहर में स्थिर रिटर्न की तलाश कर रहे थे। हैदराबाद और कोलकाता दोनों ही अपने किराएदारों की आमद के कारण अलग हैं, जो रोजगार के बढ़ते अवसरों और किफायती जीवनशैली की वजह से हैं।

निवेशकों के लिए मौजूदा बाजार की स्थितियां किराये की आय और प्रॉपर्टी की कीमत में वृद्धि से लाभ उठाने का एक उपयुक्त अवसर प्रस्तुत करती हैं। प्रमुख शहरी केंद्रों में मांग मजबूत बनी हुई है, इसलिए ये उच्च प्रदर्शन वाले शहर लॉन्ग टर्म लाभ के लिए आकर्षक संभावनाएं प्रदान करते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article