Pakistan Stock Market: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर दोनों देशों के वित्तीय बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिखा। लेकिन जहां भारत के शेयर बाजार ने सीमित गिरावट और स्थिरता दिखाई, वहीं पाकिस्तान की स्टॉक मार्केट पूरी तरह से धराशायी हो गई। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) में गुरुवार को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। KSE-100 इंडेक्स ने 6,400 अंकों से अधिक की गिरावट का अनुभव किया। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ड्रोन हमलों के बाद कराची और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों में निवेशकों में जबरदस्त घबराहट देखी गई, जिससे सिर्फ एक दिन में 82 हजार करोड़ रुपये का मार्केट कैप स्वाहा हो गया।
10,000 अंकों की इन्ट्राडे वोलाटिलिटी, रिकॉर्ड पैनिक सेलिंग
गुरुवार को KSE-100 इंडेक्स में 10,000 अंकों से अधिक की अस्थिरता देखी गई — एक ओर जहां दिन की शुरुआत में यह 1,872 अंक ऊपर गया, वहीं दूसरी ओर यह 8,410 अंक तक गिर गया। यह पाकिस्तान स्टॉक मार्केट के इतिहास की सबसे खराब इन्ट्राडे चाल मानी जा रही है।
तीन कारोबारी दिनों में पाकिस्तान की मार्केट वैल्यू 1.3 ट्रिलियन रुपये तक घट चुकी है। मौजूदा आर्थिक संकट, IMF समीक्षा और युद्ध जैसे हालात ने निवेशकों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।
भारत में दिखी स्थिरता, शेयर बाजार में सीमित गिरावट
- भारत में हालांकि शुरुआती गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई।
- BSE Sensex 680 अंक गिरकर 79,654.73 पर खुला (0.85% की गिरावट)।
- NSE Nifty 141.5 अंक गिरकर 24,132.30 पर पहुंचा (0.58% की गिरावट)।
यह गिरावट कंट्रोल्ड वोलाटिलिटी को दर्शाती है, जबकि पाकिस्तान की स्थिति पूर्ण वित्तीय अस्थिरता की ओर इशारा करती है।
आर्थिक ताकत में भारी अंतर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट ने भारत और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और निवेशकों के भरोसे के बीच के फासले को उजागर कर दिया है। जहां भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत संस्थागत समर्थन और मजबूत फंडामेंटल्स पर टिकी है, वहीं पाकिस्तान वित्तीय संकट, IMF की समीक्षा और निवेशकों की घबराहट से जूझ रहा है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
