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पाकिस्तान स्टॉक मार्केट में ऐतिहासिक गिरावट! भारतीय एयरस्ट्राइक के बाद एक ही दिन में 82 हजार करोड़ रुपये स्वाहा

Pakistan Stock Market: भारतीय एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। केवल एक दिन में बाजार से ₹820 अरब ( 82 हजार करोड़ रुपये) स्वाहा हो गए। KSE-100 इंडेक्स में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट और अस्थिरता दर्ज की गई, जबकि भारतीय बाजार अपेक्षाकृत स्थिर नजर आए। यह घटनाक्रम दोनों देशों की आर्थिक स्थिरता में स्पष्ट अंतर को दर्शाता है।

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पाकिस्तान स्टॉक मार्केट।

Photo : Times Now Digital

Pakistan Stock Market: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर दोनों देशों के वित्तीय बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिखा। लेकिन जहां भारत के शेयर बाजार ने सीमित गिरावट और स्थिरता दिखाई, वहीं पाकिस्तान की स्टॉक मार्केट पूरी तरह से धराशायी हो गई। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) में गुरुवार को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। KSE-100 इंडेक्स ने 6,400 अंकों से अधिक की गिरावट का अनुभव किया। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ड्रोन हमलों के बाद कराची और लाहौर जैसे प्रमुख शहरों में निवेशकों में जबरदस्त घबराहट देखी गई, जिससे सिर्फ एक दिन में 82 हजार करोड़ रुपये का मार्केट कैप स्वाहा हो गया।

10,000 अंकों की इन्ट्राडे वोलाटिलिटी, रिकॉर्ड पैनिक सेलिंग

गुरुवार को KSE-100 इंडेक्स में 10,000 अंकों से अधिक की अस्थिरता देखी गई — एक ओर जहां दिन की शुरुआत में यह 1,872 अंक ऊपर गया, वहीं दूसरी ओर यह 8,410 अंक तक गिर गया। यह पाकिस्तान स्टॉक मार्केट के इतिहास की सबसे खराब इन्ट्राडे चाल मानी जा रही है।

तीन कारोबारी दिनों में पाकिस्तान की मार्केट वैल्यू 1.3 ट्रिलियन रुपये तक घट चुकी है। मौजूदा आर्थिक संकट, IMF समीक्षा और युद्ध जैसे हालात ने निवेशकों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।

भारत में दिखी स्थिरता, शेयर बाजार में सीमित गिरावट

  • भारत में हालांकि शुरुआती गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई।
  • BSE Sensex 680 अंक गिरकर 79,654.73 पर खुला (0.85% की गिरावट)।
  • NSE Nifty 141.5 अंक गिरकर 24,132.30 पर पहुंचा (0.58% की गिरावट)।

यह गिरावट कंट्रोल्ड वोलाटिलिटी को दर्शाती है, जबकि पाकिस्तान की स्थिति पूर्ण वित्तीय अस्थिरता की ओर इशारा करती है।

आर्थिक ताकत में भारी अंतर

विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट ने भारत और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और निवेशकों के भरोसे के बीच के फासले को उजागर कर दिया है। जहां भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत संस्थागत समर्थन और मजबूत फंडामेंटल्स पर टिकी है, वहीं पाकिस्तान वित्तीय संकट, IMF की समीक्षा और निवेशकों की घबराहट से जूझ रहा है।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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