बिजनेस

Adani Group पर Hindenburg Research ने लगाए बड़े आरोप, ग्रुप ने किया साफ- रिपोर्ट है भ्रामक और बेबुनियाद

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 25, 2023, 09:40 PM IST

Adani Group on Hindenburg Research: इंफ्रास्ट्रक्चर और नौकरियां पैदा करने के मामले में गौतम अडानी का अडानी ग्रुप फिलहाल देश में सबसे आगे है, जबकि हिंडनबर्ग ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में अडानी पर स्कैम के आरोप लगाए थे, जिसके बाद ग्रुप के शेयर्स में भारी बिकवाली देखने को मिली थी।

Image

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी। (फाइल)

Photo : IANS

Adani Group on Hindenburg Research: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका की निवेश जांच कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को सरासर गलत, आधारहीन और भ्रामक करार दिया है। ग्रुप की ओर से सफाई जारी करते हुए कहा गया है कि अडानी समूह में सारी चीजें फिलहाल ठीक हैं। ये बातें बुधवार (25 जनवरी, 2023) को अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगेशिंदर सिंह की ओर से जारी बयान में कही गईं। उनके मुताबिक, "हम हैरान कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को हमसे बिना संपर्क किए या फिर फैक्चुअल मैट्रिक्स को वेरिफाई किए ही एक रिपोर्ट जारी कर दी। वह रिपोर्ट भ्रामक है और उसमें गलत जानकारी, आधारहीन आरोप हैं, जिनकी जांच की जा चुकी है और वे देश के टॉप कोर्ट्स की ओर से भी खारिज किए जा चुके हैं।"

स्टेटमेंट के मुताबिक, रिपोर्ट जिस समय पर छपी है, वह साफ तौर पर बताती है कि उसका मकसद अडानी समूह की छवि को खराब करना है। वह भी तब, जब समूह के अडानी एंटरप्राइजेज़ के तहत फॉलो ऑन पब्लिक ऑफरिंग (एफपीओ) आने वाला है, जो कि देश का अब तक का सबसे बड़ा एफपीओ है। निवेशक समुदाय का हमेशा से अडानी समूह में विश्वास (गहरे विश्लेषण, वित्तीय जानकारों की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट्स और नामी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के आधार पर) रहा है। हमारे समझदार निवेशक इस तरह की रिपोर्ट्स (एक-तरफा और किसी खास एजेंडे से प्रभावित आदि) से प्रभावित नहीं होते हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अडानी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग रिसर्च की आई इस रिपोर्ट में बड़े आरोप लगाए गए, जिनसे स्टॉक मार्केट में बड़ा हड़कंप मच गया। रोंगटे खड़े करने वाली इस रिपोर्ट में कहा गया कि विश्व का तीसरा सबसे बड़ा अमीर कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी चोरी कर रहा है, जबकि गौतम अडानी की संपत्ति में तीन साल में तेजी से बढ़ोतरी हुई और यह वृद्धि करीब 100 अरब डॉलर के आसपास थी। ग्रुप की सात लिस्टेड कंपनियों के शेयर के भाव औसतन 819 फीसदी बढ़े। हिंडनबर्ग रिसर्च ने ये आरोप हजारों दस्तावेज स्कैन करने और आधा दर्जन मुल्कों में दौरों के बाद लगाए हैं।

रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयर ‘धड़ाम'

उधर, यह रिपोर्ट आने के बाद अडानी समूह के कंपनी के शेयर नीचे आ गए। बीएसई पर अडाणी ट्रांसमिशन का शेयर 8.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,511.75 रुपये पर बंद हुआ। अडानी पोर्ट और एसईजेड का शेयर 6.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 712.90 रुपये पर आ गया। अडानी टोटल गैस का शेयर 5.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,668.15 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ, जबकि पांच-पांच प्रतिशत की गिरावट के साथ अडानी विल्मर 544.50 रुपए और अडानी पावर 261.10 रुपए पर बंद हुआ।

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर 3.04 प्रतिशत गिर गए और समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में 1.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

अडानी की ओर से हाल ही में अधिग्रहण की गई अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के शेयर में भी बीएसई में लगभग सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि उसकी मीडिया फर्म न्यू दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) के शेयर मे पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तीस शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 773.69 अंक की गिरावट के साथ 60,205.06 अंक पर बंद हुआ। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article