Gold Investment : देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक HDFC Mutual Fund ने अपने गोल्ड निवेश उत्पादों में बड़े निवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। कंपनी ने मौजूदा आर्थिक और बाजार परिस्थितियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। इस फैसले के साथ एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ऐसी पाबंदी लगाने वाली देश की पहली म्यूचुअल फंड कंपनी बन गई है।कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह फैसला निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और अगली सूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा। हाल के महीनों में सोने में निवेश की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण गोल्ड आधारित निवेश योजनाओं में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है।
8 जून से बड़े निवेश स्वीकार नहीं होंगे
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा है कि 8 जून से उसके गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी HDFC Gold ETF में बड़े निवेशकों द्वारा सीधे किए जाने वाले नए निवेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह नियम उन निवेशकों पर लागू होगा जो सीधे कंपनी के माध्यम से कम से कम 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करना चाहते हैं। कंपनी का कहना है कि फिलहाल ऐसे बड़े निवेशों को रोकने का निर्णय बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इससे फंड के प्रबंधन और निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड में भी निवेश सीमा तय
कंपनी ने अपने दूसरे लोकप्रिय उत्पाद HDFC Gold ETF Fund of Fund के लिए भी नई सीमा निर्धारित की है। अब इस योजना में एकमुश्त निवेश (लंपसम) और किसी अन्य फंड से इसमें स्विच किए जाने वाले निवेश पर सीमा लागू होगी। नए नियम के तहत किसी भी निवेशक के पैन कार्ड पर प्रति माह अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ही निवेश स्वीकार किया जाएगा। इससे अधिक राशि के निवेश को मंजूरी नहीं दी जाएगी। यह सीमा सभी पात्र निवेशकों पर समान रूप से लागू होगी।
5 जून के बाद के लेनदेन पर लागू होगा नियम
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने स्पष्ट किया है कि गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड में निवेश की नई सीमा 5 जून को दोपहर 3 बजे के बाद प्राप्त होने वाले सभी लेनदेन पर लागू होगी। यानी इस समय सीमा के बाद किए गए निवेशों को नए नियमों के अनुसार ही प्रोसेस किया जाएगा। कंपनी ने निवेशकों से अपील की है कि वे निवेश से पहले नई शर्तों और नियमों को ध्यान से समझ लें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बाजार परिस्थितियों को बताया वजह
कंपनी के अनुसार, यह कदम वर्तमान व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) और बाजार स्थितियों को देखते हुए उठाया गया है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ती मांग और बाजार में मौजूद अनिश्चितताओं को देखते हुए फंड हाउस ने यह फैसला लिया है। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं है। बाजार की स्थिति में सुधार होने या परिस्थितियां अनुकूल होने पर इन नियमों की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल यह व्यवस्था अगली सूचना तक जारी रहेगी।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर बड़े निवेशकों और संस्थागत निवेशकों पर पड़ेगा, जो एकमुश्त बड़ी राशि गोल्ड ETF में निवेश करते हैं। वहीं, छोटे और नियमित निवेशकों के लिए निवेश के विकल्प पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन फंड ऑफ फंड योजना में मासिक निवेश सीमा तय कर दी गई है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का यह कदम संकेत देता है कि मौजूदा समय में गोल्ड निवेश से जुड़े उत्पादों में जोखिम प्रबंधन और फंड संचालन को लेकर कंपनियां अधिक सतर्क रुख अपना रही हैं। आने वाले समय में अन्य म्यूचुअल फंड कंपनियां भी बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इसी तरह के कदम उठा सकती हैं।
