बिजनेस

HDFC Bank:एचडीएफसी बैंक के अतनु चक्रवर्ती का बढ़ा कार्यकाल, जानें पूर्व IASअधिकारी का करियर

HDFC Bank: अतनु चक्रवर्ती को मई, 2021 में पहली बार बैंक का गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इसके पहले वह अप्रैल, 2020 में आर्थिक मामलों के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी रहे हैं।

Image

एचडीएफसी बैंक

HDFC Bank:देश में निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक एचडीएफसी बैंक ने ने गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के कार्यकाल बढ़ा दिया है। बुधवार को बैंक को बोर्ड तीन साल के एक और कार्यकाल के विस्तार की मंजूरी दी है। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि निदेशक मंडल ने अंशकालिक गैर-कार्यकारी चेयरमैन एवं स्वतंत्र निदेशक के रूप में चक्रवर्ती के नाम की अनुशंसा भारतीय रिजर्व बैंक से की है। इसके अलावा इस नियुक्ति को बैंक के शेयरधारकों से भी स्वीकृति लेनी होगी।यह चक्रवर्ती का बैंक के साथ लगातार दूसरा कार्यकाल होगा।

सरकारी कर्मचारी रहे हैं चक्रवर्ती

चक्रवर्ती को मई, 2021 में पहली बार बैंक का गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इसके पहले वह अप्रैल, 2020 में आर्थिक मामलों के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी रहे हैं। नए फैसले के बाद उन्हें पांच मई, 2024 से चार मई, 2027 तक के तीन साल के कार्यकाल के लिए गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। चक्रवर्ती मुख्य रूप से फाइनेंस और इकोनॉमिक पॉलिसी, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के क्षेत्रों में काम किया है। वह भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर (DEA) में सचिव जैसे अहम पद पर काम कर चुके हैं।।

चक्रवर्ती ने NIT कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन) में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की।

Axis Bank जी लर्न के खिलाफ पहुंचा NCLT

एक्सिस बैंक ने जी लर्न के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में याचिका दायर की है। इसमें शिक्षा सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने की अपील की गई है।जी लर्न ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि कंपनी को इस संबंध में एनसीएलटी की मुंबई पीठ से नोटिस मिला है।इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण, मुंबई के समक्ष कंपनी की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने के लिए एक्सिस बैंक लिमिटेड द्वारा दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा सात के तहत एक याचिका दायर की गई है।जी लर्न ने कहा कि कंपनी एक्सिस बैंक की याचिका में किए गए दावों को पड़ताल करने के लिए जानकारी जुटा रही है। एनसीएलटी ने इससे पहले इसी साल फरवरी में वित्तीय ऋणदाता यस बैंक लि. की इसी तरह की याचिका पर जी लर्न के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था।

TNN Business Desk
TNN बिजनेस डेस्क author

TNN बिजनेस डेस्क

और पढ़ें
End of Article