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स्टूडेंट्स पर GST की मार, हॉस्टल में रहना होगा महंगा, जानें कितना लगेगा टैक्स

GST On Hostel Accommodation: श्रीसाई लक्ज़री स्टे एलएलपी को सुनाए गए अग्रिम फैसले में, एएआर ने कहा कि जीएसटी छूट 17 जुलाई, 2022 तक होटल, क्लब, कैंपसाइट आदि द्वारा दी जाने वाली हाउसिंग सर्विसेज पर डेली 1,000 रुपये तक के शुल्क पर लागू थी।

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हॉस्टलों पर लगेगा जीएसटी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • हॉस्टल पर लगेगा 12 फीसदी टैक्स
  • छात्रों पर बढ़ेगा बोझ
  • एएआर ने दिया फैसला

GST On Hostel Accommodation: स्टूडेंट्स को हॉस्टल आवास के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (Authority of Advance Ruling) या एएआर (AAR) के दो अलग-अलग मामलों में दिए गए फैसलों में कहा गया है कि भुगतान किए जाने वाले किराए पर 12 प्रतिशत जीएसटी (GST) लगेगा। एएआर की बेंगलुरु पीठ ने कहा कि हॉस्टल हाउसिंग यूनिट्स की तरह हैं और इसलिए इन्हें जीएसटी से छूट नहीं मिलेगी।

एएआर की लखनऊ पीठ के अनुसार 1,000 रुपये से कम खर्च वाले हॉस्टल आवास पर जीएसटी लगेगा। इस तरह हॉस्टल का डेली किराया 100-200 रु भी होगा तो भी उस पर जीएसटी लगेगा।

कब तक लागू थी छूट

श्रीसाई लक्ज़री स्टे एलएलपी (Srisai Luxurious Stay LLP) को सुनाए गए अग्रिम फैसले में, एएआर ने कहा कि जीएसटी छूट 17 जुलाई, 2022 तक होटल, क्लब, कैंपसाइट आदि द्वारा दी जाने वाली हाउसिंग सर्विसेज पर डेली 1,000 रुपये तक के शुल्क पर लागू थी।

100 रु हो किराया फिर भी लगेगा जीएसटी

एएआर के अनुसार एप्लिकेंट द्वारा लैंडओनर्स को भुगतान किए जाने वाले किराये पर रिवर्स चार्ज पर जीएसटी लागू होगा क्योंकि एप्लिकेंट की सेवाओं पर जीएसटी लगाया जाता है और इस तरह एप्लिकेंट को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

नोएडा स्थित वीएस इंस्टीट्यूट एंड हॉस्टल प्राइवेट लिमिटेड के इसी तरह के मामले में, एएआर की लखनऊ पीठ ने कहा कि डेली 1,000 रुपये से कम खर्च वाले हॉस्टल आवास पर जीएसटी लागू होगा। यानी अगर हॉस्टल का डेली किराया 100 रु से कम हो तो भी किराए पर जीएसटी लगेगा। इसलिए, 18 जुलाई, 2022 से, एप्लिकेंट द्वारा दी जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी लगेगा।

परिवारों पर बढ़ जाएगा बोझ

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि हॉस्टल्स और शयनगृहों (Dormitories) में छात्र आवास पर 12 प्रतिशत टैक्स से भारतीय परिवारों (छात्रों के परिवार) का खर्च बढ़ जाएगा। फैसले में कहा गया है कि आवासीय परिसर स्थायी निवास के लिए है, और इसमें गेस्ट हाउस, लॉज या ऐसी जगहें शामिल नहीं हैं।

मोहन ने कहा कि जीएसटी काउसिंल छात्रों के हॉस्टल सहित पूरे एजुकेशन ईकोसिस्टम में टैक्स को खत्म करने के लिए नीतिगत फैसले लेने पर विचार कर सकती है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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