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GST Meeting: ऑन लाइन गेमिंग-पेट्रोल-डीजल पर फैसला ! GST परिषद क्या उठाएगी बड़े कदम, 22 जून को पहली बैठक

GST Meeting on Online Gaming and petroleum prdoucts: GST परिषद की बैठक 22 जून को होगी। इसमें ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर 28 प्रतिशत जीएसटी के कार्यान्वयन की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा नई सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए, प्रारंभिक स्तर पर चर्चा भी कर सकती है। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद हरदीप पुरी ने भी कहा था कि उनकी पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना उनकी प्राथमिकता होगी।

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जीएसटी परिषद की 22 जून को मीटिंग

GST Meeting on Online Gaming and petroleum prdoucts:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में माल एवं सेवा कर (GST) परिषद की बैठक 22 जून को होगी। इसमें ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर 28 प्रतिशत जीएसटी के कार्यान्वयन की समीक्षा की जा सकती है। लोकसभा चुनाव के बाद यह परिषद की पहली बैठक होगी। जुलाई और अगस्त में अपनी बैठकों में जीएसटी परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ को कर योग्य दावों (बेट) के रूप में शामिल करने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी थी। उस समय कहा गया था कि कार्यान्वयन की समीक्षा छह महीने बाद यानी अप्रैल, 2024 में की जाएगी। इसके अलावा नई सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए, प्रारंभिक स्तर पर चर्चा भी कर सकती है। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद हरदीप पुरी ने भी कहा था कि उनकी पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना उनकी प्राथमिकता होगी।

GST Meetin का क्या है एजेंडा

जीएसटी परिषद सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक 22 जून, 2024 को नयी दिल्ली में होगी।परिषद की पिछली बैठक सात अक्टूबर, 2023 को हुई थी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हुए थे।

बैठक के एजेंडा की जानकारी अभी परिषद के सदस्यों को नहीं दी गई है। लोकसभा चुनाव के बाद यह परिषद की पहली बैठक होगी। जीएसटी परिषद ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए बेटिंग के पूर्ण मूल्य पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के फैसले की समीक्षा कर सकती है। नया रेट एक अक्टूबर, 2023 से लागू हुआ था।

क्यों हो सकती है समीक्षा

जुलाई और अगस्त में अपनी बैठकों में जीएसटी परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ को कर योग्य दावों (बेट) के रूप में शामिल करने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी थी। साथ ही स्पष्ट किया था कि ऐसी आपूर्तियों के मामले में पूरे बेटिंग मूल्य पर 28 प्रतिशत कर लगेगा। उस समय कहा गया था कि कार्यान्वयन की समीक्षा छह महीने बाद यानी अप्रैल, 2024 में की जाएगी।चूंकि अप्रैल के बाद से जीएसटी परिषद की कोई बैठक नहीं हुई है, इसलिए परिषद की 22 जून की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र के कराधान की समीक्षा की उम्मीद है।

अन्य अहम मुद्दे

जीएसटी परिषद के समक्ष एक अन्य महत्वपूर्ण लंबित मुद्दा दरों को युक्तिसंगत बनाना है और उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में एक समिति को आवश्यक दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए सुझाव देने का अधिकार दिया गया है।जीएसटी परिषद अपनी 22 जून की बैठक में प्रक्रिया को तेज करने और समिति द्वारा अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने का निर्णय ले सकती है।जीएसटी व्यवस्था में वर्तमान में 0, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के पांच कर स्लैब हैं।

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा कि परिषद को बहुप्रतीक्षित दरों को तर्कसंगत बनाने की चर्चा करनी होगी। उन्होंने कहा, कि इसके अलावा, प्राकृतिक गैस जैसे कम प्रभाव वाले पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में शामिल करने का प्रारंभिक प्रयास करना फायदेमंद होगा।’’

केपीएमजी इन इंडिया के साझेदार एवं प्रमुख (अप्रत्यक्ष कर) अभिषेक जैन ने कहा कि अक्टूबर से पहले ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र के लिए कर देयता, ईएसओपी की कर देयता, कॉरपोरेट गारंटी कर देयता सहित कई स्पष्टीकरणों पर विचार किया जा रहा है। हालिया मुकदमों के कारण विभिन्न दर-संबंधी स्पष्टीकरण भी अपेक्षित हैं।शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के भागीदार रजत बोस ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग पर कराधान और अक्टूबर, 2023 में पेश किए गए मूल्यांकन नियमों की समीक्षा जैसे प्रमुख उद्योग मुद्दों पर गौर करने की जरूरत है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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