वित्त मंत्रालय के सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज (CBIT) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ से पार हो गया है। यह 10 महीने में सबसे ज्यादा है। फरवरी की गिरावट के बाद GST कलेक्शन में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। मार्च का कलेक्शन मिलाकर FY26 का कुल कलेक्शन ₹22.27 लाख करोड़ रहा। इस दौरानल इम्पोर्ट से आने वाला टैक्स तेजी से बढ़ा।
फरवरी की गिरावट के बाद तेज रिकवरी
फरवरी में GST कलेक्शन ₹1.84 लाख करोड़ पर आ गया था, जिससे यह संकेत मिला था कि रफ्तार कुछ धीमी हुई है। हालांकि मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर ₹2 लाख करोड़ हो गया। महीने-दर-महीने यह करीब ₹16,000 करोड़ की बढ़त है, जो बताती है कि टैक्स कलेक्शन में स्थिर सुधार जारी है।
सालाना आधार पर 8.8% की ग्रोथ
मार्च 2026 का GST कलेक्शन पिछले साल के मुकाबले 8.8% ज्यादा रहा। यह ग्रोथ दर्शाती है कि टैक्स बेस और आर्थिक गतिविधियों दोनों में विस्तार जारी है। हालांकि यह उछाल अप्रैल 2025 के ₹2.37 लाख करोड़ के रिकॉर्ड से अभी नीचे है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
इम्पोर्ट से टैक्स कलेक्शन बना बड़ा ड्राइवर
मार्च के आंकड़ों में सबसे अहम बात इम्पोर्ट से मिलने वाले GST में तेजी है। इम्पोर्ट से राजस्व 17.8% बढ़कर ₹53,861 करोड़ पहुंच गया, जबकि घरेलू राजस्व 5.9% बढ़कर ₹1.46 लाख करोड़ रहा। इससे साफ है कि कुल GST ग्रोथ में बड़ा योगदान बाहरी व्यापार से जुड़े टैक्स का रहा, जबकि घरेलू मांग की ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
FY26 में कुल GST कलेक्शन ₹22.27 लाख करोड़
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में GST कलेक्शन ₹22.27 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹20.55 लाख करोड़ से 8.3% ज्यादा है।
यह लगातार बढ़ते टैक्स कलेक्शन का ट्रेंड दिखाता है, जो सरकार के रेवेन्यू बेस को मजबूत करता है।
रिफंड बढ़ा, नेट कलेक्शन भी मजबूत
मार्च में GST रिफंड 13.8% बढ़कर ₹22,074 करोड़ रहा। इसके बावजूद नेट GST रेवेन्यू 8.2% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पहुंच गया। यह संकेत देता है कि रिफंड के बावजूद सरकार के पास शुद्ध राजस्व में स्थिर बढ़त बनी हुई है।
रेंज में रहा मासिक कलेक्शन
जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच GST कलेक्शन ₹1.70 लाख करोड़ से ₹1.96 लाख करोड़ के दायरे में रहा। नवंबर में ₹1.70 लाख करोड़ का निचला स्तर देखने को मिला था, जो सितंबर में GST दरों में बदलाव के बाद का असर माना गया।
क्या संकेत देता है डेटा
मार्च का डेटा बताता है कि GST कलेक्शन में सुधार जारी है, लेकिन ग्रोथ का बड़ा हिस्सा इम्पोर्ट से आ रहा है। घरेलू खपत की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
ऐसे में आगे के महीनों में यह देखना अहम होगा कि घरेलू मांग भी इसी तरह मजबूती दिखाती है या नहीं।
