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पान मसाला, तंबाकू पर अब ऐसे लगेगा जीएसटी सेस, टैक्स चोरी पर लगेगी नकेल

अब पान मसाला और तंबाकू मैन्युफैक्चरिंग करने वालों पर रिटेल सेल आधारित जीएसटी सेस रेट वसूली जाएगी। नया सिस्टम टैक्स चोरी रोकने के लिए लागू किया गया है। टैक्स चोरी पर नकेल से सरकार का रेवेन्यू बढ़ सकता है।

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पान मसाला, तंबाकू के लिए नया जीएसटी सेस सिस्टम लागू

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • पान मसाला और तंबाकू मैन्युफैक्चरर्स के लिए जीएसटी सेस सिस्टम बदला
  • नया सिस्टम 1 अप्रैल से प्रभावी है
  • नये सिस्टम से टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी

GST Cess Rate on Pan Masala : 1 अप्रैल से पान मसाला और तंबाकू मैन्युफैक्चरिंग करने वालों पर रिटेल सेल आधारित जीएसटी सेस रेट लगाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिया है। नया टैक्स सिस्टम 1 अप्रैल से प्रभावी है। नई जीएसटी सेस रेट व्यवस्था उस पिछली टैक्स व्यवस्था की जगह आएगी, जिसमें मूल्यानुसार आधार पर 28 प्रतिशत जीएसटी रेट के ऊपर सेस लगाया जाता था।

कितना लगेगा सेस

वित्त मंत्रालय ने जो अधिसूचना जारी की है, उसके मुताबिक पान मसाला पर लागू जीएसटी सेस रेट पान मसाला पाउच के रिटेल सेल प्राइस (आरएसपी) का 0.32 गुना होगी। वहीं वो तंबाकू गुटखा वाले पान मसाले पर अब आरएसपी का 0.61 गुना सेस लगेगा। वहीं पाइप और सिगरेट के स्मोकिंग मिक्सचर के लिए ये रेट 0.69 गुना होगी। जिन उत्पादों के लिए सेस रेट 0.56 गुना होगी, उनमें चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, और जर्दा सुगंधित तंबाकू शामिल है। इसी तरह ब्रांडेड अनमैक्युफैक्चर्ड तंबाकू और हुक्का या गुडाकू के लिए सेस रेट आरएसपी से 0.36 गुना अधिक होगी।

टैक्स चोरी पर कसेगी नकेल

नये सिस्टम से टैक्स चोरी पर नकेल कसने में मदद मिलेगी, क्योंकि सेस पहले पॉइंट पर ही यानी उत्पाद के फैक्ट्री लेवल पर ही वसूल लिया जाएगा। हालांकि नये सिस्टम से सरकार के रेवेन्यू पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पान मसाला और तम्बाकू पर आरएसपी आधारित सेस रेट से रेवेन्यू लगभग उतना ही रहेगा, जितना मूल्यानुसार व्यवस्था में था। पर टैक्स चोरी रुकने से रेवेन्यू में सुधार होगा। पुराने सिस्टम में टैक्स चोरी के मामले सामने आते थे, इसलिए रेवेन्यू लेवल कम था।

जीएसटी कानून में संशोधन

बता दें कि सरकार ने पिछले महीने जीएसटी कानून में बदलाव किया था और पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य रूपों पर लगाए जाने वाले जीएसटी कंपेंसेशन सेस की अधिकतम रेट को उस प्रोडक्ट के आरएसपी से जोड़ दिया था। पान मसाला के लिए अधिकतम जीएसटी कंपेंसेशन सेस रेट आरएसपी प्रति यूनिट का 51 प्रतिशत होगा। इससे पहले 31 मार्च तक पिछली व्यवस्था के अनुसार इस पर अधिकतम 135 प्रतिशत सेस लगाया जाता था। फरवरी में जीएसटी काउंसिल ने पान मसाला और गुटखा बिजनेसों में टैक्स चोरी को रोकने के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों के पैनल की एक रिपोर्ट को हरी झंडी दिखा दी थी।

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Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की ब... और देखें

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