घरेलू शेयर बाजार में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। निफ्टी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब है और निवेशकों का भरोसा मजबूत दिख रहा है। इसी उत्साह के बीच आईपीओ (IPO) मार्केट) भी नए दौर के लिए तैयार है। सितंबर और अक्टूबर में कई कंपनियों ने शेयर बाजार में शानदार डेब्यू किया था और अब भी कई कंपनियां अपने आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। नवंबर-दिसंबर में लगभग पांच कंपनियां कुल 35,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही हैं।
इस लिस्ट में भारत के कुछ प्रमुख कंज्यूमर और फिनटेक ब्रांड्स शामिल हैं, जैसे Lenskart, Groww, Pine Labs, ICICI Prudential AMC और boAt। हाल ही में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया और टाटा कैपिटल जैसी बड़ी कंपनियों ने मिलकर 27,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। इन सफल लिस्टिंग ने बड़े आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी को फिर से जगाया है।
रिकॉर्ड लिस्टिंग और आईपीओ का क्रेज
आईपीओ की यह बढ़ती गतिविधि शेयर बाजार की हालिया तेजी के साथ मेल खाती है। इस महीने निफ्टी 50 इंडेक्स लगभग 3% बढ़ा है और अपने पिछले ऑल-टाइम हाई 26,277 से थोड़ी ही दूरी पर है। साल 2025 में अब तक कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं, जो हाल के वर्षों में सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। पिछले तीन महीनों में ही 100 से ज्यादा नई कंपनियां लिस्ट हुई हैं, जो 2021 के बाद सबसे ज्यादा है।
आने वाले बड़े आईपीओ
Lenskart नवंबर की शुरुआत में लगभग 8,000 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। इसके पीछे Temasek और KKR जैसी बड़ी कंपनियों का समर्थन है। यह आईवियर रिटेलर छोटे शहरों में विस्तार करने और अपनी ऑनलाइन-ऑफलाइन तकनीक और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की योजना बना रही है।
Groww, एक ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म, नवंबर के पहले हफ्ते में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है। 10 मिलियन से ज्यादा सक्रिय यूजर्स के साथ यह कंपनी भारत में रिटेल निवेश की बढ़ती लोकप्रियता की बड़ी लाभार्थी रही है।
ये कंपनियां भी आईपीओ लाने की तैयारी में
इसके अलावा Pine Labs, ICICI Prudential AMC, boAt, Sunshine Pictures, Hero Fincorp, Omnitech Engineering, Orient Cables और Priority Jewels जैसी कंपनियां भी दिसंबर के अंत तक बाजार में आ सकती हैं। Kotak Equities की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल लगभग 200 कंपनियां कुल 35 अरब डॉलर (लगभग 2.9 लाख करोड़ रुपये) जुटाने की योजना में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अच्छी लिक्विडिटी, रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और स्थिर आर्थिक माहौल ने आईपीओ के लिए बेहतरीन अवसर तैयार किए हैं। इससे भारत दुनिया के सबसे सक्रिय आईपीओ बाजारों में से एक बना रहेगा।
