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सरकार की पीएसयू बैंकों को बेचने की तैयारी, जानिए किस-किस का लग सकता है नंबर

सरकार एक पैनल बना सकती है, जो उन सरकारी बैंकों के नाम शॉर्टलिस्ट कर सकता है, जिनका प्राइवेटाइजेशन किया जाना है। नीति आयोग ने 2021 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के नामों की सिफारिश की थी।

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सरकार का बैंकों के प्राइवेटाइजेशन पर नया प्लान

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • कुछ पीएसयू बैंकों का हो सकता है प्राइवेटाइजेशन
  • सरकार बना सकती है पैनल
  • सरकार बैंक प्राइवेटाइजेशन स्ट्रेटेजी पर फिर से करेगी विचार

PSU Bank Privatisation : केंद्र सरकार (Central Govt) काफी समय से कुछ पीएसयू बैंक (PSU Bank) को बेचने चाहती है। अब ऐसे सरकारी बैंकों की नई लिस्ट तैयार करने के लिए एक पैनल का गठन किया जा सकता है, जिनका सरकार प्राइवेटाइजेशन कर सकती है।

दरअसल कई पीएसयू बैंक मुनाफे में आ गए हैं, जबकि कई मर्जर प्लान्स के बाद सरकारी बैंकों की संख्या काफी कम हो गई है। इ्न्हीं दोनों वजहों से अब सरकार अपनी बैंक प्राइवेटाइजेशन स्ट्रेटेजी पर फिर से विचार करना चाहती है।

इन बैंकों का लगा था नंबर

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2021 में नीति आयोग (NITI Ayog) ने विनिवेश विभाग (Disinvestment Department) के सामने प्राइवेटाइजेशन के लिए दो सरकारी बैंकों के नाम रखे थे। उस समय सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) के नामों की सिफारिश की गई थी। हालांकि इन बैंकों के नामों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ था।

स्मॉल और मिड साइज बैंकों पर फोकस

ईटी की रिपोर्ट में एक सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि उन पीएसयू बैंकों के नाम फाइनल करने के लिए एक नई समिति गठित की जा सकती है, जिनका प्राइवेटाइजेशन किया जाना है। इनमें मिड और स्मॉल साइज के बैंक शामिल हैं। सरकार बैंकों के परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी हिस्सेदारी बेचेगी। परफॉर्मेंस में बाकी पैरामीटर्स के साथ-साथ बैड लोन पोर्टफोलियो भी देखा जाएगा।

सरकार जो समिति बनाएगी, उसमें निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM), भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नीति आयोग के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

एसबीआई जैसे बड़े बैंक नहीं होंगे प्राइवेट

प्राइवेटाइजेशन प्लान के तहत 12 छोटे सरकारी बैंकों जैसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और यूको बैंक (UCO Bank) पर फोकस किए जाने की संभावना है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) जैसे बड़े बैंक इनमें शामिल नहीं होंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2021 के बजट भाषण में सरकार के विनिवेश कार्यक्रम के तहत दो सरकारी बैंकों को प्राइवेट करने का ऐलान किया था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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