Ethanol Production: हाल ही में भारत सरकार की तरफ से क्सिआनों के लिए एक बहुत ही बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। सरकार ने काफी बड़ा और महत्त्वपूर्ण फैसला लिया है जिससे देश के 15 करोड़ किसानों को लाभ हो सकता है। सरकार ने शुगर मिल्स द्वारा गन्ने के सिरप, जूस और बी मोलाईसिस के इस्तेमाल से इथेनॉल के निर्माण पर लगाया गए प्रतिबंध को 1 नवंबर 2024 से हटाने का फैसला किया है। आज एक सर्कुलर द्वारा सरकार ने यह जानकारी साझा की और बताया कि गन्ने के इस्तेमाल से इथेनॉल निर्माण पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया है।
यह तोहफा भी दिया
इसके साथ ही सरकार ने इथेनॉल के निर्माण की क्षमता को बढ़ावा देने का फैसला भी किया है। सरकार द्वारा जारी की गई नई पॉलिसी में बी हैवी मोलाईसिस और सी हैवी मोलाईसिस का इस्तेमाल कर इथेनॉल निर्माण को भी मंजूरी दे दी गई है। सरकार द्वारा जारी किये गए सर्कुलर में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के साथ किये गए अग्रीमेंट के अनुसार शुगर मिल्स और डिस्टिलरीज द्वारा गन्ने के रस, सिरप और बी हैवी मोलाईसिस के साथ-साथ सी हैवी मोलाईसिस के इस्तेमाल से भी इथेनॉल का निर्माण कर सकती हैं।
चावल से भी बनेगा इथेनॉल
इतना ही नहीं, सरकार ने डिस्टिलरीज को अनुमति दे दी है कि सिर्फ इथेनॉल के निर्माण के वह भारतीय खाद्य निगम से 2.3 मेट्रिक टन जितना चावल खरीद सकती है। सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का उद्देश्य इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाना और फ्यूल के साथ इथेनॉल को ब्लेंड करना है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश में घरेलू रूप से शुगर की कमी न हो, खाद्य एवं पब्लिक वितरण विभाग (DFPD) और पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय साथ मिलकर चीनी से इथेनॉल बनाये जाने की प्रक्रिया पर करीबी रूप से नजर रखेंगे।
