Government to sell stake in HAL: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार ओएफस के जरिए 2,450 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर हिस्सेजारी बेचेगी। और इसके जकरिए उसे करीब 2,800 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
2 दिन के लिए होगा ऑफर
इस संबंध में बुधवार को HAL शेयर बाजारों जानकारी देते हुए बताया है कि सरकार एचएएल में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए दो दिन की खुली बिक्री पेशकश (ओएफएस) लेकर आएगी। संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को जबकि खुदरा निवेशक शुक्रवार को इसके शेयरों की खरीद कर पाएंगे।एचएएल के ओएफएस के तहत बुनियादी तौर पर 1.75 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 58.51 लाख शेयर की पेशकश की जाएगी और अधिक अभिदान होने की स्थिति में इतने और शेयरों की बिक्री का विकल्प रहेगा। इस तरह एचएएल की कुल 3.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की पेशकश की जा सकती है।
2,450 रुपये प्रति शेयर न्यूनतम प्राइस
ओएफएस के तहत 2,450 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया गया है। इस भाव से अगर 3.5 प्रतिशत की समूची हिस्सेदारी की बिक्री हो जाती है तो सरकार को 2,800 करोड़ रुपये मिलेंगे। एचएएल में सरकार के पास फिलहाल 75.15 प्रतिशत हिस्सा है। इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को अपना विनिवेश राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार ने अबतक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और शेयर पुनर्खरीद के जरिये चालू वित्त वर्ष में 31,106.64 करोड़ रुपये जुटाए हैं। हालांकि, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए विनिवेश लक्ष्य 65,000 करोड़ रुपये का रखा गया था लेकिन पिछले महीने इसे संशोधित कर 50,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था।
