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LIC & GIC: LIC और GIC में हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार, जानिए किस तरह बेचेगी शेयर

Govt Disinvestment Plan: जीआईसी में 10% हिस्सेदारी की बिक्री एक निश्चित अवधि में की जाएगी, जिससे सरकार को शुक्रवार को कंपनी के शेयर के क्लोजिंग रेट (324.95 रु) के अनुसार लगभग 5700 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। पिछले 6 महीने में जीआईसी के शेयर में लगभग 45% की बढ़ोतरी हुई है।

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LIC-GIC में सरकार बेचेगी हिस्सेदारी

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • LIC में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
  • GIC में भी हिस्सेदारी घटाने की योजना
  • किश्तों में बेचेगी हिस्सेदारी

Govt Disinvestment Plan: भारत सरकार दो कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना रही है। इनमें देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) भी शामिल हैं। सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में थोड़ी-थोड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। हालांकि इसके लिए निवेशकों से कैसा रेस्पॉन्स मिलेगा, ये देखा जाएगा। सरकार को जीआईसी के लिए इंवेस्टर रोड शो में अच्छा रेस्पॉन्स मिला है और सरकार अपने शेयरों की वैल्यू के आधार पर किश्तों में कंपनी में अपनी 10% हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है।

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कब की जाएगी हिस्सेदारी की बिक्री

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एक सरकारी अधिकारी के अनुसार जीआईसी में 10% हिस्सेदारी की बिक्री एक निश्चित अवधि में की जाएगी, जिससे सरकार को शुक्रवार को कंपनी के शेयर के क्लोजिंग रेट (324.95 रु) के अनुसार लगभग 5700 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। पिछले 6 महीने में जीआईसी के शेयर में लगभग 45% की बढ़ोतरी हुई है।

एलआईसी में 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

एलआईसी के लिए सरकार का प्लान अलग है। सरकार 2022 में लिस्टिंग के बाद से 7 वर्षों में एलआईसी में 10% हिस्सेदारी और 10 वर्षों में 25% हिस्सेदारी बेचने के अपने टार्गेट को पूरा करने की योजना बना रही है। हालांकि एलआईसी में हिस्सेदारी कंपनी के स्टॉक के प्रदर्शन और निवेशकों के रेस्पॉन्स के आधार पर "छोटी" किश्तों में बेची जाएगी।

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के शेयर पिछले छह महीनों में 58% उछले हैं और शुक्रवार को 973 रुपये पर बंद हुए।

आईपीओ में सरकार ने कितनी हिस्सेदारी बेची

एलआईसी के आईपीओ में सरकार ने कंपनी में 3.5% हिस्सेदारी बेची थी, और बीमा कंपनी को इंडेक्स फंड में शामिल करने के लिए और 1.5% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी। शुक्रवार को स्टॉक के बंद भाव के अनुसार, एलआईसी में 1.5% हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को लगभग 92 अरब रुपये जुटाने में मदद मिल सकती है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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