वित्त मंत्रालय की वित्तीय आसूचना इकाई-भारत (एफआईयू-इंड) ने 25 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट (वीडीए) प्रदाताओं को नियमों का अनुपालन न करने पर नोटिस जारी किया है। इनमें ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज एलबैंक और बिंगएक्स भी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इन वीडीए संस्थाओं को भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है। सरकार 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रदाताओं को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के दायरे में लेकर आई थी।
पंजीकरण न होने पर कार्रवाई
बयान में चेतावनी दी गई है कि क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और इनमें जोखिम अधिक है, लिहाजा ऐसे लेनदेन में नुकसान होने पर कोई नियामकीय राहत नहीं मिल सकती है। एफआईयू-इंड के मुताबिक, अब तक 50 वीडीए सेवा प्रदाताओं ने भारत में पंजीकरण कराया है। भारत में सेवाएं प्रदान करने वाले लेकिन पंजीकरण नहीं कराने वाले सेवा प्रदाताओं को समय-समय पर चिह्नित किया जाता है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रदाताओं के लिए इस एजेंसी के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य है और पीएमएलए के तहत निर्धारित सभी अनुपालन नियमों का पालन करना आवश्यक है। एफआईयू-इंड ने कहा कि ये नियम गतिविधियों पर आधारित हैं और किसी इकाई की भारत में भौतिक उपस्थिति पर निर्भर नहीं करते हैं। इसमें रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड रखने और अन्य आवश्यक दायित्व शामिल हैं।
(इनपुट- भाषा)
