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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, 25 विदेशी क्रिप्टो कंपनियों को भेजा नोटिस

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इन वीडीए संस्थाओं को भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है।

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सरकार ने विदेशी कंपनियों को भेजा नोटिस।(फोटो क्रेडिट-iStock)

वित्त मंत्रालय की वित्तीय आसूचना इकाई-भारत (एफआईयू-इंड) ने 25 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट (वीडीए) प्रदाताओं को नियमों का अनुपालन न करने पर नोटिस जारी किया है। इनमें ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज एलबैंक और बिंगएक्स भी शामिल हैं।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इन वीडीए संस्थाओं को भारत में अपने ऐप और वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से रोकने का आदेश भी दिया गया है। सरकार 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रदाताओं को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के दायरे में लेकर आई थी।

पंजीकरण न होने पर कार्रवाई

बयान में चेतावनी दी गई है कि क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और इनमें जोखिम अधिक है, लिहाजा ऐसे लेनदेन में नुकसान होने पर कोई नियामकीय राहत नहीं मिल सकती है। एफआईयू-इंड के मुताबिक, अब तक 50 वीडीए सेवा प्रदाताओं ने भारत में पंजीकरण कराया है। भारत में सेवाएं प्रदान करने वाले लेकिन पंजीकरण नहीं कराने वाले सेवा प्रदाताओं को समय-समय पर चिह्नित किया जाता है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

वर्चुअल डिजिटल एसेट प्रदाताओं के लिए इस एजेंसी के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य है और पीएमएलए के तहत निर्धारित सभी अनुपालन नियमों का पालन करना आवश्यक है। एफआईयू-इंड ने कहा कि ये नियम गतिविधियों पर आधारित हैं और किसी इकाई की भारत में भौतिक उपस्थिति पर निर्भर नहीं करते हैं। इसमें रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड रखने और अन्य आवश्यक दायित्व शामिल हैं।

(इनपुट- भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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