बिजनेस

गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet को हुआ 2.94 लाख करोड़ रु का मुनाफा, क्लाउड और AI से मिली जबरदस्त रफ्तार

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet ने तिमाही में शानदार 34.5 अरब डॉलर (2.94 लाख करोड़ रु) का मुनाफा कमाया है, जिसमें क्लाउड और AI डिवीजनों की बड़ी भूमिका रही। CEO सुंदर पिचाई ने Gemini सॉफ़्टवेयर और डेटा सेंटर आधारित सेवाओं को इस ग्रोथ का मुख्य कारण बताया। लेकिन इस जबरदस्त प्रदर्शन के साथ ही कंपनी अमेरिकी अदालतों में गंभीर एंटीट्रस्ट मामलों में भी घिरी हुई है।

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विज्ञापन तकनीक में भी एकाधिकार का आरोप (Image: Britannica)

KEY HIGHLIGHTS
  • क्लाउड सेवाओं से 28% की ग्रोथ, कुल राजस्व $90.2 अरब
  • CEO सुंदर पिचाई ने AI को बताया भविष्य की कुंजी
  • अमेरिका में दो बड़े एंटीट्रस्ट मामलों में उलझी Alphabet

Alphabet ने सालाना आधार पर अपने कुल रेवेन्यू में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल की है। यह अब 90.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। कंपनी की क्लाउड सर्विस ने खास तौर पर 28% की बढ़त के साथ 12.3 अरब डॉलर का योगदान दिया। सीईओ सुंदर पिचाई ने इस परफॉर्मेस का श्रेय कंपनी की "फुल स्टैक AI रणनीति" को दिया और Gemini सॉफ़्टवेयर को नवाचार के लिए "अद्भुत नींव" बताया।

AI और डेटा सॉल्यूशन की मांग में उछाल

पिचाई ने कहा कि डेटा सेंटर्स आधारित सॉल्यूशंस और क्लाउड सेवाओं की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। कंपनी की AI कैपासिटी ने उसे कंपटीशन में आगे बनाए रखा है। eMarketer के खास एनालिस्ट योरी वुर्मसर ने कहा, "क्लाउड की ग्रोथ दिखाती है कि Google की AI प्रोडक्ट स्ट्रैटजी सफल हो रही है।" हालांकि, चीन के DeepSeek जैसे सस्ते AI मॉडल्स से Alphabet के निवेश के टिकाऊ होने पर सवाल उठ रहे हैं।

कानूनी दबाव: एंटीट्रस्ट केस में घिरी Alphabet

इस शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बावजूद Alphabet गंभीर कानूनी मामलों में उलझी हुई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने गूगल पर एंटीट्रस्ट कार्रवाई शुरू की है, जिससे कंपनी को Chrome ब्राउजर जैसे प्रमुख संपत्तियों को बेचने के लिए मजबूर किया जा सकता है। सहायक अटॉर्नी जनरल गेल स्लेटर ने कहा, “यह केवल एक मामला नहीं है, यह इंटरनेट के भविष्य का सवाल है।”

विज्ञापन तकनीक में भी एकाधिकार का आरोप

एक अन्य मामले में जज लिओनी ब्रिंकिमा ने फैसला दिया कि गूगल ने ऑनलाइन विज्ञापन तकनीक बाजार में अवैध रूप से दबदबा बनाया। यह फैसला कंपनी के मुख्य रेवेन्यू सोर्स को खतरे में डाल सकता है। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, Alphabet ने दोनों मामलों में अपील करने की पुष्टि की है। कंपनी के वैश्विक मामलों के चेयरमैन केंट वॉकर ने कहा कि ये मामले खासतौर से Apple और Samsung जैसी कंपनियों के साथ गूगल की साझेदारियों से जुड़े हुए हैं।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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