Google Lay Offs: अमेरिका की नामी टेक कंपनी गूगल से निकाले जाने के बाद आठ महीने की एक गर्भवती कर्मचारी ने अपना दुख और कड़वा अनुभव साझा किया है। नौकरी से जुड़े सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म लिंक्डइन पर एक 21 जनवरी, 2023 को जज्बाती पोस्ट के जरिए कैथरीन वॉन्ग ने बताया कि वह आठ माह की गर्भवती हैं और एक हफ्ते बाद ही अपनी मैटर्निटी लीव पर जाने वाली थीं। नौकरी से निकाले जाने के बाद सबसे पहले उनके मन में यही ख्याल आया कि आखिर वही क्यों और इसी वक्त क्यों? यह बात पचाना उनके लिए काफी कठिन रहा।
जैसे-जैसे खबर फैली, वैसे-वैसे प्रभावित कर्मचारियों को इस बारे में ई-मेल पहुंचने लगे। वे इसके बाद सोशल मीडिया पर अपने कड़वे अनुभव साझा करने लगे। ऐसे ही लोगों में कैथरीन वॉन्ग (Katherine Wong) थीं। वह कंपनी में प्रोग्राम मैनेजर (कैलिफोर्निया में) हुआ करती थीं, मगर उन्हें मैटर्निटी लीव पर जाने से पहले गूगल ने नौकरी से निकाल दिया।
अपनी जॉब जाने से जुड़ी जानकारी पाकर वह हैरान रह गई थीं। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें पॉजिटिव परफॉर्मेंस रिव्यू मिले थे, पर छंटनी के बाद उन्होंने अपना अनुभव लिंक्डइन पर साझा किया और बताया कि इस बात ने उन्हें कैसे और किस कदर अंदर तक झकझोर दिया था। उन्होंने बताया कि यह उनके लिए मुश्किल था, क्योंकि उन्हें अपने अजात (होने वाले) बच्चे की भलाई के लिए नकारात्मक भावनाओं को काबू करना था। वॉन्ग के जज्बात उस समय मिले-जुले किस्म के थे।
यह रहा उनका पूरा पोस्टः

Katherine Wong Linkedin Post
नौकरी से निकाले जाने की खबर जानने के बाद उनके पास सहकर्मियों के फोन कॉल और मैसेजेज़ की झड़ी सी लग गई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अपने होने वाले बच्चे की ओर ध्यान देंगी और उसके स्वागत की तैयारियां करेंगी। उन्होंने अपने दुखी नोट (पोस्ट) के आखिर में कहा कि जब वह करियर या नई नौकरी की तलाश शुरू करना चाहेंगी तब वह ऐसा नहीं कर पाएगी। वजह- उन्हें पहले अपनी गर्भावस्था और अजन्मे बच्चे का ध्यान रखने की जरूरत है।
दरअसल, गूगल की ओर से दुनियाभर में अपने 12 हजार कर्मचारियों को निकालने से जुड़े हालिया प्लान (खर्च बचाने से संबंधित) ने पूरे विश्व को चौंकाया था। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कुछ समय पहले ही ले-ऑफ (लोगों को नौकरी से निकालने) का ऐलान किया था और उनके लिए "पूरी जिम्मेदारी" स्वीकारी थी। वैसे, गूगल इकलौती ऐसी कंपनी नहीं है, जिसने बड़े स्तर पर छंटनी का ऐलान किया हो। माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और मेटा सरीखी बड़ी और नामी कंपनियां भी घाटे से निपटने के फंडे के तहत लोगों की छंटनी से जुड़ी घोषणाएं कर चुकी हैं।
