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Monsoon Tracker: जुलाई की बारिश से किसान को फायदा, इन फसलों की बुवाई बढ़ी, उत्पादन होगा बेहतर

Monsoon Tracker, Crop Data: धान की बुवाई का क्षेत्र पिछले साल के बराबर ही है, जबकि गन्ने की बुवाई बेहतर है। गैर-खाद्य फसलों में कपास की बुवाई काफी अधिक है। उत्तर और पश्चिम भारत (3 प्रतिशत), मध्य भारत (-6 प्रतिशत), पूर्व और उत्तर पूर्व भारत (0 प्रतिशत) और दक्षिणी प्रायद्वीप (13 प्रतिशत) में अब तक सामान्य बारिश हुई है।

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बारिश का अलर्ट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Monsoon Tracker, Crop Data: पूरे देश में जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हो रही है जो कि नॉर्मल मानसून का संकेत है। केवल जुलाई में दीर्घकालीन औसत से 32 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर और पश्चिम भारत (3 प्रतिशत), मध्य भारत (-6 प्रतिशत), पूर्व और उत्तर पूर्व भारत (0 प्रतिशत) और दक्षिणी प्रायद्वीप (13 प्रतिशत) में अब तक सामान्य बारिश हुई है।

जुलाई बेहतर

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की प्रमुख अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा कि जून में कम बारिश होने के कारण, जरूरी है कि जुलाई में अच्छी बारिश हो और महीने की शुरुआत अच्छी रही। हालांकि बुवाई में देरी हुई, लेकिन अब बारिश होने से इसमें तेजी आई है और यह पिछले साल से बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 जून तक कुल बुवाई क्षेत्र (24.1 मिलियन हेक्टेयर) पिछले साल की तुलना में काफी अधिक (सालाना आधार पर 33 प्रतिशत) है। यह मुख्य रूप से दलहन और तिलहन की बुवाई में तेजी के कारण है।

किस फसल की कितना बुवाई

धान की बुवाई का क्षेत्र पिछले साल के बराबर ही है, जबकि गन्ने की बुवाई बेहतर है। गैर-खाद्य फसलों में कपास की बुवाई काफी अधिक है।

कुल बुवाई क्षेत्र सामान्य बुवाई क्षेत्र का 22 प्रतिशत है, जबकि 2023 में यह 18.6 प्रतिशत था। अरोड़ा ने कहा कि इस संबंध में जुलाई बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि महीने के अंत तक लगभग 80 प्रतिशत बुवाई पूरी हो जाती है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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