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रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! SBI में सैलरी अकाउंट तो फ्री में मिलेगा इतने लाख का इंश्योरेंस कवर

रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अगर उनका सैलरी अकाउंट भारतीय स्टेट बैंक के साथ है तो अब उन्हें बड़ा इंश्योरेंस कवर मिलेगा।

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Railway (Istock)

भारतीय रेल में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, भारतीय रेलवे के जिन कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में हैं, उन्हें 1 करोड़ रुपये का एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस कवर मिलेगा, जो कि वर्तमान कवर कुछ लाख रुपये से काफी अधिक है। बदलते दौर को देखते हुए, भारतीय रेलवे और एसबीआई ने एक एमओयू साइन किए हैं, जिसके तहत बैंक उन रेलवे कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर (स्थायी पूर्ण विकलांगता) प्रदान करेगा, जिनका सैलरी अकाउंट एसबीआई में है।

अभी तक बहुत कम मिल रहा था कवर

अभी तक रेलवे कर्मचारियों को काफी कम कवर मिल रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, ग्रुप ए, बी और सी कर्मचारियों को क्रमशः 1.20 लाख रुपये, 60,000 रुपये और 30,000 रुपये का कवर अभी मिल रहा था। अब इस एमओयू के बाद वह बढ़कर 1 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, बैंक एसबीआई में अपने सैलरी अकाउंट वाले रेलवे कर्मचारियों को 80 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर (स्थायी आंशिक विकलांगता) भी प्रदान कर रहा है। इस समझौते के तहत रेलवे कर्मचारियों को बिना किसी प्रीमियम का भुगतान किए या मेडिकल परीक्षण कराए बिना 10 लाख रुपये का नेचुरल डेथ कवर भी मिलेगा।

ये भी लाभ कर्मचारियों को मिलेंगे

हवाई दुर्घटना बीमा (मृत्यु): 1.60 करोड़ रुपये मिलेगा। साथ ही RuPay डेबिट कार्ड पर 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर होगा। व्यक्तिगत दुर्घटना (स्थायी पूर्ण विकलांगता) पर 1 करोड़ रुपये और व्यक्तिगत दुर्घटना (स्थायी आंशिक विकलांगता) पर 80 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा। अभी लगभग 7 लाख रेलवे कर्मचारियों का सैलरी अकाउंट एसबीआई में है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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