Vodafone Idea Stock Price Jump : देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में निवेश करने वालों को पिछले 3 महीने में 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है। केंद्र सरकार की तरफ से AGR को लेकर मिली बड़ी राहत के बाद अब स्पेक्ट्रम मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट भी कंपनी पर मेहरबान हुआ है।
मंगलवार को कंपनी NSE/BSE को दी एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की तरफ से दिए गए 2,113 करोड़ रुपये के वन टाइम स्पेक्ट्रम चार्जेज (OTSC) के नोटिस को खारिज कर दिया है। कंपनी की तरफ से दी गई इस जानकारी के बाद शेयरों में करीब 3 फीसदी का उछाल देखने को मिला और शेयर प्राइस 14.85 रुपये तक पहुंच गया है।
क्या था मामला?
टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने टेलीकॉम कंपनियों पर 6.2 MHz से ज्यादा के स्पेक्ट्रम पर वन टाइम चार्ज (OTSC) लगाया। Vodafone Idea (Vi) ने इस चार्ज के खिलाफ टेलीकॉम डिस्प्युट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) में अपील की, जहां कंपनी को राहत दी गई। लेकिन, DoT इस मामले सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और राहत पर स्टे मिल गया। बाद में पूरे मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में हुई, जहां वोडाफोन आइडिया को राहत दी गई है।
असल में DoT की तरफ से यह OTSC डिमांड नोटिस आइडिया सेलुलर और स्पाइस कम्युनिकेशन को जारी किया था, जो बाद में वोडाफोन में मर्ज हो गईं। कोर्ट ने डिमांड नोटिस को खारिज करने के साथ ही DoT को इस विवाद के संबंध में दी गई बैंक गारंटी को भी लौटाने का आदेश दिया है।
शेयर में लगातार तेजी?
Vi लंबे समय से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये के चलते कर्ज के बोझ तले थी। लेकिन, पिछले महीने टेलीकॉम डिपार्टमेंट की तरफ से एक मोरेटोरियम योजना के तहत 87,695 करोड़ के बकाया का पुनर्मूल्यांकन किया और 64,046 करोड़ कर दिया है। इसके अलावा इस रकम को चुकाने के लिए भी लंबी योजना बनाई है। इसकी वजह से शेयर प्राइस में लगातार तेजी देखने को मिली है। पिछले 1 साल में कंपनी के कर्ज और AGR को लेकर लगातार सुधरती स्थिति की वजह से शेयर में लगातार तेजी बनी हुई है। 1 साल में Vi Share Price में 100% की तेजी आ चुकी है। वहीं, पिछले 3 महीने में ही शेयर 50% से ज्यादा भाग चुका है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
