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सोने-चांदी की कीमतों पर नहीं लगेगा ब्रेक, अक्टूबर में इस कारण और बढ़ेंगी कीमतें

साल 2025 निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए सोने-चांदी के मामले में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। इस साल दोनों धातुओं ने ऑल-टाइम हाई छुआ है और फेस्टिव सीजन नजदीक आते ही इनके दामों में और चमक देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में तेजी बनी रह सकती है।

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Gold Rate

सोने-चांदी के दामों में साल 2025 में जबर्दस्त उछाल देखने को मिला है। सोने के साथ-साथ चांदी ने भी ऑल-टाइम हाइ इस साल टच कर लिया है। भारत की बात करें तो आने वाले महीने में फेस्टिव सीजन का खुमार छाया रहेगा, ऐसे में गोल्ड और सिल्वर के प्राइस कहां तक जा सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने इस पर अनुमान जताया है। इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का रुख बरकरार रहने की उम्मीद है, लेकिन महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक संकेतकों के आने के बीच मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।

अमेरिका की खबर का रहेगा असर

विश्लेषकों ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर कारोबारी विनिर्माण और सेवाएं पीएमआई के आंकड़ों, सितंबर माह के लिए अमेरिका के रोजगार आंकड़ों के साथ ही उपभोक्ता विश्वास की स्थिति पर नजर रखेंगे। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस एवं मुद्रा शोध के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि सोना और चांदी में मौजूदा सकारात्मक गति जारी रहेगी, हालांकि, सप्ताह के अंत में कुछ मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता। सोने की कीमतों में सकारात्मक गति जारी रही और सप्ताह के अंत में कीमतें तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ बंद हुईं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका में उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को थोड़ा कम कर दिया है।''

MCX पर गोल्ड का रेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को साप्ताहिक आधार पर 4,188 रुपये या 3.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,14,891 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। मंगलवार को भाव 1,15,139 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया था। स्मॉलकेस के निवेश प्रबंधक पंकज सिंह ने न्यूज एजेंसी भाषा को बताया कि यह तेजी अमेरिकी वृहद आर्थिक संकेतों, वैश्विक रिजर्व पुनर्गठन और घरेलू त्योहारी मांग से प्रेरित है। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े पूर्वानुमानों से मेल खाते हैं, जबकि आय और व्यय के आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन की पुष्टि करते हैं।

फेस्टिव सीजन में और बढ़ेगी डिमांड

बाजार का रुख थोड़ा सकारात्मक बना हुआ है। दिवाली से पहले त्योहारों की मांग बढ़ रही है और शुक्रवार के रोजगार रिपोर्ट तक कोई बड़ा अमेरिकी डेटा नहीं आने वाला है, इसलिए सोने के लिए मजबूती बनाए रखने के सारे कारण हैं। अल्फा मनी के प्रबंध साझेदार ज्योति प्रकाश ने इसी भावना को दोहराते हुए कहा, ''इस संपत्ति वर्ग में तेजी है और सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। इसलिए रुझान ऊपर की ओर है।'' उन्होंने सोने के ईटीएफ में मजबूत निवेशक रुचि को इस तेजी का कारण बताया। प्रकाश ने कहा, ''कमजोर डॉलर भी सोने के लिए सहायक बना हुआ है।'' शनिवार को डॉलर सूचकांक 0.38 प्रतिशत गिरकर 98.18 पर बंद हुआ।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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