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Gold Price: इस साल 35 से अधिक बार रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा सोना, एशिया में 4500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है कीमत

Gold Price: वैश्विक केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत एशियाई मांग के कारण विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा, तो सोने की कीमतें 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

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सोने की कीमतों में तेजी जारी (तस्वीर-istock)

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Gold Price : वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सतत खरीद, लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत एशियाई मांग की वजह से विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सोने की कीमतें 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है। मजबूत औद्योगिक खपत और बढ़ते आपूर्ति घाटे के कारण चांदी की कीमत लगभग 75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

2025 में सोने की रिकॉर्ड वृद्धि

वर्ष 2025 में सोने की कीमत में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई। इस साल सोना 35 से अधिक बार अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा। इस तेजी के पीछे वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और केंद्रीय बैंकों के लगातार संचय का योगदान है।

एशिया के मौद्रिक संरेखण में उभरता केंद्र

एमओएफएसएल के जिंस एवं मुद्रा विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, सोने की इस शानदार तेजी में राजकोषीय अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों द्वारा रणनीतिक विविधीकरण जैसे कई व्यापक बदलाव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एशिया इस नए मौद्रिक संरेखण का केंद्र बन रहा है।

भारत में सोने और चांदी की कीमतों का पूर्वानुमान

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में सोने की कीमत पिछले सप्ताह 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है और भविष्य में यह 1.35 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, चांदी, जो इस वर्ष अब तक 60% से अधिक बढ़ी है, घरेलू बाजार में 2.3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने का अनुमान है।

केंद्रीय बैंकों के विविधीकरण का प्रभाव

एमओएफएसएल के जिंस एवं मुद्रा शोध प्रमुख नवनीत दमानी के अनुसार, केंद्रीय बैंकों का विविधीकरण सर्राफा बाजार को नई दिशा दे रहा है। पहली बार, संस्थागत मांग और संप्रभु संचयन दीर्घकालिक मूल्य सृजन के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।

लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण और संभावित सुधार

मानव मोदी और नवनीत दमानी ने कहा कि सोने का भाव कॉमेक्स पर पहले ही 4,000 डॉलर प्रति औंस और घरेलू बाजार में 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि सुधार के दौर आ सकते हैं, पर अगर सोने की कीमतें सर्वकालिक उच्च स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो कॉमेक्स पर यह 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। डॉलर/रुपया दर 89 मानकर घरेलू स्तर पर कीमतें दीर्घकालिक रूप से 1,35,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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