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कभी 63 रुपये थी सोने की कीमत,अब हुआ 60 हजारी,छह दशक में 950 गुना बढ़ी कीमतें

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 21, 2023, 01:25 PM IST

Gold rate today and future projection: सोना बीते एक साल में 8,467 रुपये तक बढ़ चुका है। मार्च 2022 में सोने की कीमतें 51,633 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं पिछले 5 साल में सोने की कीमतें डबल हो चुकी है।

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सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर

Gold rate today and future projection: सोना इस समय निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। ग्लोबल सेंटीमेंट की वजह से सोमवार को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सोने का भाव 1,400 रुपये की तेजी के साथ प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें 60,100 रुपये पर पहुंच गई है। जो कि भारतीय बाजार में सबसे अधिक कीमत है। असल में दुनिया में जब भी आर्थिक संकट गहराता है, तो सोना ही सबसे सुरक्षित निवेश बन जाता है। इस समय भी ऐसा ही हो रहा है।

जिस तरह पहले अमेरिका में सिलिकान वैली बैंक सहित दूसरे बैंक डूबे और अब स्विटजरलैंड के क्रेडिट सुइस बैंक की हालत खस्ता है। बैंकिंग क्राइसिस और रुस-यूक्रेन युद्ध से बदली परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को सोने पर ही भरोसा दिख रहा है। और उसका असर यह है कि सोना बीते एक साल में 8,467 रुपये तक बढ़ चुका है। मार्च 2022 में सोने की कीमतें 51,633 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं पिछले 5 साल में सोने की कीमतें डबल हो चुकी है। और अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल और घरेलू फेस्टिव सीजन को देखते हुए , एक्सपर्ट के अनुसार सोने की कीमतें 62 हजार के स्तर तक जा सकती हैं।

सोने ने 5 साल में डबल तो 60 साल 953 गुना हुई कीमतें

ऐसा नहीं है कि सोने की कीमतें केवल अभी रॉकेट बनी हुई हैं। उसने पिछले 5 साल में डबल रिटर्न दिया है। और अगर पिछले 6 दशक के आकंड़ों को देखा जाय तो कीमतें 953 गुना बढ़ गई है। पहले बात पांच साल पहले के रिटर्न की करते हैं। बैंक बाजार की रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में भारत में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें 31,438 रुपये थी। जो इस समय 60,100 रुपये पर पहुंच गई है। जो कि करीब 90 फीसदी रिटर्न है। इसी तरह छह दशक में यह करीब 953 गुना कीमतें बढ़ी हैं।

जानें कब सोने ने 100, 500 और 1000 रुपये के कीमत को छुआ

सोने की कीमतों को देखा जाय तो आजादी के समय सोने की कीमते 99 रुपये प्रति 10 ग्राम थीं। साल 1950 में सोने की कीमत 59 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। जो कि पहली बार 1959 में 100 के आंकड़े को पार किया। उस वक्त सोने की कीमतें 102 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके बाद 1975 में सोने ने 500 के स्तर को और 1980 में 1000 रुपये के स्तर को छुआ। 2007 में सोने ने 10 हजार के स्तर को पार किया।

सालसोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम, 24 कैरेट)
195099 रुपये
1959102 रुपये
1975520 रुपये
19801330 रुपये
200710,800 रुपये
201126,400 रुपये
201831,438 रुपये
202048,651 रुपये
202252,670 रुपये

कितनी बढ़ेंगी कीमतें

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि महंगाई के खिलाफ लड़ाई में फेडरल रिजर्व कम आक्रामक है। बैंकिंग संकट की लहर ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है। इससे सर्राफा में तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी हुई है। इसी कारण राष्ट्रीय राजधानी में सोना 60,000 रुपये से ऊपर के नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया।

वहीं कीमतें किस स्तर तक जा सकती हैं इस पर काम ज्वैलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में 7-8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। त्योहारी सीजन के आगाज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता को देखते हुए हमें उम्मीद है कि सोने की कीमतें भारत में 61 हजार से 62 हजार के स्तर पर पहुंच सकती हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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