Gold Prediction 2025: हाल ही में सोने की कीमत रिकॉर्ड भाव पर पहुंच गयी है। सोने की कीमत 1 लाख रु तक पहुंच गयीं। मगर उसके बाद इनमें थोड़ी नरमी आई है। अब जानकार अनुमान लगा रहे हैं कि इस साल सोने की कीमतों में गिरावट आ सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कजाकिस्तान की कंपनी सॉलिडकोर रिसोर्सेज पीएलसी के सीईओ विटाली नेसिस ने दावा किया है कि अगले 12 महीनों में सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। सॉलिडकोर रिसोर्सेज पीएलसी कजाकिस्तान में स्थित एक प्रमुख सोना उत्पादक है और अस्ताना इंटरनेशनल एक्सचेंज में लिस्टेड है। कंपनी की लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार सॉलिडकोर के पास दो उत्पादक सोने की खदानें और एक प्रभावशाली विकास परियोजना है।
ये भी पढ़ें -
सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज
शुक्रवार को सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 839 रुपये (0.87%) गिरकर 95,073 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए। यह गिरावट अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के तनाव कम होने की संभावनाओं के कारण आई।
इस साल सोना लगभग 26% महंगा हुआ है, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ ने मंदी की आशंकाओं को हवा दी। इससे पहले मंगलवार को सोने ने 3,500.05 डॉलर का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था।
अमेरिका-चीन के बीच बातचीत शुरू
ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार अबन्स फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिंतन मेहता ने कहा, "अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे सोने की सुरक्षित निवेश मांग कम हुई है।"
चीन ने कुछ अमेरिकी आयात पर 125% टैरिफ में छूट देने पर विचार शुरू किया है, जो व्यापार युद्ध के आर्थिक प्रभावों को लेकर उसकी चिंता को दर्शाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस सप्ताह टैरिफ विवाद को कम करने के लिए प्रत्यक्ष वार्ता शुरू होने का संकेत दिया।
कहां तक घटेंगे सोने के दाम
रॉयटर्स के अनुसार सॉलिडकोर के सीईओ नेसिस के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में सोने की कीमतें 2,500 डॉलर तक गिरेंगी। हालांकि, यह 1,800-1,900 डॉलर तक वापस नहीं लौटेंगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा कीमतें वैश्विक घटनाओं पर रेस्पॉन्स कर रही हैं।
दूसरी ओर, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को अस्थिरता और भू-राजनीतिक अस्थिरता से बचाव के लिए सोने की ओर आकर्षित किया है।
बढ़ सकती है सोने की मांग
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक ट्रेडर्स अमेरिकी मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा पर नजर रखे हुए हैं। ये आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व के भविष्य के मौद्रिक नीति फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके अलावा, इस वीकेंड पर होने वाली आईएमएफ की बैठक में वैश्विक अनिश्चितता या नीतिगत छूट के संकेत सोने की मांग को बढ़ा सकते हैं। इस बीच मुंबई के हाजिर बाजार में 99.9 शुद्धता वाला सोना 655 रुपये गिरकर 95,631 रुपये प्रति 10 ग्राम और 99.5 शुद्धता वाला सोना 652 रुपये गिरकर 95,248 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
