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Gold Outlook: 2025 में 85000 रु तक जाएगा सोना ! महंगाई-ब्याज दर-वैश्विक तनाव से तय होगी चाल

Gold Outlook For 2025: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने 2024 में दरों में ढील दी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन कटौतियाँ कीं और 2025 में दो और कटौतियाँ करने की योजना बनाई, जिससे सोने के लिए संभावनाएँ सकारात्मक बनी रहीं।

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2025 में सोने होगा महंगा

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KEY HIGHLIGHTS
  • 2025 में सोने होगा महंगा
  • 85000 तक जाएगा भाव
  • जानकारों को है उम्मीद

Gold Outlook For 2025: साल 2024 सोने के लिए काफी शानदार वर्ष रहा। सोने ने 2024 में 27% की बढ़त हासिल की। ये 2010 के बाद से इसका सबसे अच्छा वार्षिक प्रदर्शन रहा। सोने की कीमतों में उछाल के पीछे कई फैक्टर हैं। इनमें फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती, भू-राजनीतिक जोखिमों और महंगाई और अस्थिरता से बचाव शामिल है। एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने ने इस साल एक नया रिकॉर्ड बनाया। तीसरी तिमाही में सोने की कुल मांग 100 बिलियन डॉलर को पार कर गई। वहीं केंद्रीय बैंकों ने अक्टूबर 2024 तक 745 टन सोना खरीदकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोने की खरीदारी में पांच गुना वृद्धि दर्ज की। ऐसे 2025 में सोना कहां तक पहुंच सकता है। आगे जानते हैं।

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कौन-से फैक्टर होंगे अहम

मौद्रिक नीति : दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने 2024 में दरों में ढील दी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन कटौतियाँ कीं और 2025 में दो और कटौतियाँ करने की योजना बनाई, जिससे सोने के लिए संभावनाएँ सकारात्मक बनी रहीं।

भू-राजनीतिक जोखिम : मध्य पूर्व संघर्ष, यूक्रेन और डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद के तहत अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता सोने की अपील को सपोर्ट करती है।

मुद्रास्फीति के रुझान : मुद्रास्फीति यानी महंगाई की चिंताएँ बनी रह सकती हैं, विशेष रूप से अमेरिका में, जो सोने को हेजिंग यानी बचाव के रूप में समर्थन देती हैं।

निवेश की माँग : ETF फ्लो और लगातार केंद्रीय बैंक खरीद से सोने की कीमतों में तेज़ी आने की संभावना है।

सुरक्षित निवेश ऑप्श : भू-राजनीतिक अस्थिरता और व्यापार अनिश्चितताएँ सोने की स्थिति को एक यूनिवर्सल सुरक्षित एसेट क्लास के रूप में अच्छा विकल्प बनाती हैं।

कहां तक जा सकता है सोना

जानकारों का अनुमान है कि 2025 में सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस (लगभग 85,000 रुपये प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच सकता है। जानकारों के मुताबिक इस समय सोना एक गिरगिट जैसी संपत्ति बनी हुआ है, जो अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों और बाजार की धारणा से प्रभावित होता है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि भू-राजनीतिक जोखिम और आर्थिक अनिश्चितताओं के बने रहने के कारण मांग में वृद्धि होगी। इससे सोने की चमक बढ़ेगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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