Gold Price Outlook: इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है कि ईरान संकट के कारण दुनिया में अस्थिरता का माहौल है लेकिन सोने में तेजी नहीं है। इसके उलट सोना सस्ता हुआ है। इससे निवेश्कों के बीच चिंता है। क्या सोने की तेजी खत्म हो गई? गोल्ड एक्सपर्ट इसे नहीं मानते हैं। केडिया एडवाइजरी की गोल्ड रिपोर्ट बताती है कि सोने ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त तेजी दिखाई है। वैश्विक बाजार में 2016 में सोने की कीमत करीब 1,045 डॉलर थी। वहीं, 2026 में 5,600 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई तक पहुंचा। यह लगभग 438% की तेजी है। ऐसे में मौजूदा गिरावट को बाजार का सामान्य व्यवहार माना जा रहा है, न कि ट्रेंड बदलने का संकेत।
क्यों गिर रहा है सोना?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अस्थायी कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना, जिससे निवेशक सोने से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में जा रहे हैं। इसके अलावा, भारत और चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों में मांग में अस्थायी कमजोरी भी दिखी है। ETF निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और रूस जैसे देशों द्वारा सप्लाई बढ़ाने से भी कीमतों पर दबाव आया है।
आगे क्या है रोडमैप?
- पहला चरण (2026): इस समय बाजार में गिरावट और दबाव बना रहेगा, जिसमें कीमतें 4,100 डॉलर से 3,450 डॉलर तक जा सकती हैं।
- दूसरा चरण (2026-27): इस दौरान कीमतें स्थिर होंगी और एक मजबूत बेस बनेगा।
- तीसरा चरण (2027 के बाद): यह वह समय होगा जब सोना फिर से तेज रफ्तार पकड़ सकता है और कीमत 6,000 डॉलर से 8,000 डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
सोने के पक्ष में अभी भी कई मजबूत फैक्टर
- वैश्विक महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
- अमेरिका का कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच चुका है।
- दुनिया में “डी-डॉलराइजेशन” की प्रक्रिया तेज हो रही है।
- दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
ये सभी कारक लंबे समय में सोने के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।
निवेशकों के लिए क्या खरीदने का मौका?
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, बाजार अभी “वेव 4 करेक्शन” में है, जो आमतौर पर बड़ी तेजी से पहले आता है। RSI, MACD जैसे इंडिकेटर यह दिखा रहे हैं कि बाजार में कमजोरी है, लेकिन यह एक अस्थायी फेज है। कुल मिलाकर, सोने की मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खतरे की घंटी नहीं, बल्कि एक अवसर हो सकती है। जब बुनियादी कारक मजबूत हों और कीमतें गिर रही हों, तो इसे लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से देखा जा सकता है। आने वाले वर्षों में यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोना एक बार फिर निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बन सकता है।
