Gold Buying: त्योहारों और शादियों का सीजन आते ही सोने की खरीदारी में तेजी आ जाती है। ऐसे में ज्यादातर लोग ज्वैलरी की दुकानों का रुख करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें पता ही नहीं होता कि असली कीमत क्या है और कैसे ज्वैलरी की कॉस्ट कैलकुलेट करनी चाहिए। अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन में सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ टिप्स और कैलकुलेशन जानना जरूरी है, ताकि आप ज्यादा दाम चुकाने से बच सकें।
ज्वैलरी की कीमत कैसे तय होती है?
सोने की ज्वैलरी की कीमत सिर्फ सोने के रेट पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि उसमें मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी जुड़ते हैं। इसकी कैलकुलेशन कुछ इस तरह की जाती है:
(सोने का वजन × आज का रेट) + मेकिंग चार्ज + 3% जीएसटी = फाइनल प्राइस
कैलकुलेशन
बेस प्राइस (10g) = ₹1,03,225
मेकिंग चार्ज (10%) = ₹10,322.50
सबटोटल = ₹1,03,225 + ₹10,322.50 = ₹1,13,547.50
GST (3%) = ₹3,406.43
फाइनल प्राइस= ₹1,16,953.93 → राउंड करके ₹1,16,954
यानी 10 ग्राम ज्वैलरी की अनुमानित अंतिम कीमत लगभग ₹1,16,954 बैठेगी (जब 10% मेकिंग और 3% GST माना जाए)।
अगर आप 10 ग्राम सोने की ज्वैलरी खरीदते हैं और सोने का भाव ₹1,03,225 मानें, तो उसकी कीमत का हिसाब इस तरह से निकलता है। सबसे पहले 10 ग्राम का बेस प्राइस ₹1,03,225 होगा। इस पर 10% मेकिंग चार्ज जुड़ जाएगा, जो लगभग ₹10,322.50 बैठता है। यानी कुल रकम ₹1,13,547.50 हो गई। अब इस पर 3% जीएसटी लगेगा, जो लगभग ₹3,406.43 बनता है। इस तरह ज्वैलरी की अंतिम कीमत करीब ₹1,16,954 होगी।
सस्ता सोना खरीदने के टिप्स
- हॉलमार्क देखें: हमेशा
BIS हॉलमार्क वाली ज्वैलरी ही खरीदें। - मेकिंग चार्ज पर ध्यान दें: अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज अलग होते हैं। तुलना करके खरीदें।
- ज्वैलरी की बजाय कॉइन/बार खरीदें: इसमें मेकिंग चार्ज बहुत कम होता है।
- डिजिटल गोल्ड या गोल्ड बॉन्ड पर विचार करें: इसमें ज्वैलरी की तरह अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता और निवेश के लिए अच्छा विकल्प है।
त्योहारों में सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन समझदारी इसी में है कि सही कैलकुलेशन और रिसर्च करके खरीदारी की जाए। ज्वैलरी शोरूम में पूछताछ जरूर करें और दामों की तुलना के बाद ही पैसा लगाएं।
