Godrej Summit flats Defect: गोदरेज समिट प्रोजेक्ट के फ्लैट की निर्माण गुणवत्ता में कुछ खामियां पाए जाने के बाद गुरुग्राम में गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (GPL) की एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के 100 से अधिक घर खरीददारों ने कंपनी से बायबैक ऑफर चुना है। इस प्रोजेक्ट में 11 टावरों में 1100 फ्लैट हैं। कंपनी ने अगस्त 2023 में घोषणा की थी कि वह मरम्मत कार्य के लिए 155 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी। इसके साथ ही इसने प्रोजेक्ट से बाहर निकलने के इच्छुक लोगों के लिए बायबैक का भी ऐलान कर दिया। मनी कंट्रोल के मुताबिक इस पर गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के कार्यकारी चेयरपर्सन पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक फ्लैट की मरम्मत पूरी हो जाएगी। अब तक हमारे पास करीब 10 प्रतिशत ग्राहकों बायबैक विकल्प चुना है। इसलिए हमने अब तक 100 से अधिक अपार्टमेंट वापस खरीदे हैं। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में बायबैक की संख्या करीब 200 तक पहुंच जाएगी।
निर्माण गुणवत्ता की जांच के बाद बायबैक ऑफर
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने प्रोजेक्ट में पाए गए गुणवत्ता संबंधी मुद्दों का विस्तृत स्वतंत्र मूल्यांकन करने के लिए एक बाहरी एक्सपर्ट को नियुक्त किया था। जांच के बाद प्रोजेक्ट में उपयोग किए गए कंक्रीट में क्लोराइड की उपस्थिति की पहचान की गई, जो पानी के संपर्क में आने पर स्टील में मजबूती की कमी का कारण बनता है। यह बात कंपनी ने 2023 में रेगुलेटर फाइलिंग में कहा था। इसके बाद जीपीएल ने कहा था कि उसने मरम्मत, रखरखाव, ग्राहक के क्लैम या किसी सहायक लागत के लिए 155 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि का प्रावधान किया है। कंपनी ने कहा कि वह बदले में निर्माण में शामिल ठेकेदारों से क्षतिपूर्ति का क्लैम करेगी। कंपनी द्वारा शेयर की गई जानकारी के मुताबिक मरम्मत का काम जोरों पर चल रहा है और इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। गोदरेज ने कहा कि मरम्मत कार्य के लिए घोषित राशि में से कंपनी ने करीब 20 से 25 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
कंपनी के मुताबिक उसे बायबैक पर 100 करोड़ रुपए से 200 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। गोदरेज ने नवंबर 2023 में कहा था कि लेकिन हमें लगता है कि हम खर्च किए गए पैसे को पूरी तरह से वसूलने में सक्षम होंगे क्योंकि मरम्मत पूरी होने के बाद हम अपार्टमेंट को फिर से बेच सकते हैं। कंपनी ने तब कहा था कि उसने 60 अपार्टमेंटों की पुनर्खरीद पर 50 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। हम गोदरेज समिट में बेचे गए अपार्टमेंट के लिए अंतिम औसत कीमत या मालिक के लिए खरीद मूल्य के ऐलान के समय ऑफर के आधार पर भुगतान कर रहे हैं। जो उन दोनों में से अधिक है। गोदरेज ने नवंबर 2023 में कहा था कि बायबैक और अब तक औसत कीमत करीब 6,000 रुपए प्रति वर्ग फुट से शुरू होती है।
कंपनी के काम से खुश नहीं हैं फ्लैट में रहने वाले
मनीकंट्रोल के मुताबिक गोदरेज समिट में घर खरीदारों ने बताया कि कंपनी को बायबैक कीमत के अलावा ब्याज भी देना चाहिए। मरम्मत का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। डेवलपर ने अभी तक हमें टावरों की संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट प्रदान नहीं की है, जो आईआईटी दिल्ली द्वारा आयोजित की गई थी। डेवलपर ने पहले नवंबर 2023 की समय सीमा तय की थी, जिसे बढ़ाकर जून 2024 दिया गया था लेकिन अब इसे दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया है। एक अन्य घर खरीदार और गोदरेज समिट के टॉवर के निवासी ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा कि बिल्डर मरम्मत कार्यों की समय सीमा को पूरा करने में सक्षम नहीं है। डेवलपर समय सीमा में बदलाव कर रहा है। सोसायटी में रहने वाले निवासियों को रखरखाव शुल्क में छूट के रूप में बिल्डर द्वारा कुछ वित्तीय राहत दी जानी चाहिए।
फ्लैट में रहने वालों की शिकायतों का कर रहे हैं सामाधान-डेवलपर
इस बीच गोदरेज प्रॉपर्टीज ने कहा कि उनकी प्राथमिकता फ्लैट में रहने वालों की भलाई और संतुष्टि रही है। कंपनी ने कहा कि वे गोदरेज समिट के फ्लैट में रहने वाले के साथ पूरी प्रक्रिया में सहयोगात्मक समाधान और सपोर्ट करने के लिए एक्टिव हैं। हम एनसीआर में एनजीटी प्रतिबंधों जैसे रेगुलेटर प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए गोदरेज समिट में चल रहे सुधार कार्य को जल्द से जल्द बंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिससे काम शुरू होने के 40 दिन बाद तक प्रभावित हुआ है। जीपीएल ने कहा कि हमने ग्राहकों को उनके घरों की बायबैक का ऑफर दिया है। जो ग्राहक द्वारा भुगतान की गई राशि या बाजार मूल्य यानी प्रोजेक्ट में पिछले छह महीनों (जून 2023 से पहले) के औसत से अधिक की पेशकश करती है। हम गोदरेज समिट में काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए हमने साइट पर 200 से अधिक मजदूरों को तैनात किया है। हम अपने सभी ग्राहकों को फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि हम गोदरेज समिट में अपने वादे को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं।
