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फिर उड़ान भरने को तैयार Go First, मुसीबत में यहां से मिलेंगे 425 करोड़ रु !

Go First Gets Interim Fund: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीबीआई बैंक एयरलाइन के कंसोर्टियम कर्जदाता हैं। ये बैंक अंतरिम फंडिंग को मंजूरी देने के लिए बोर्ड की मंजूरी मांगेंगे, जिसके बाद एयरलाइन को ऑपरेशन शुरू करने के लिए डीजीसीए की मंजूरी लेनी होगी।

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नकदी संकट से जूझ रही गो फर्स्ट के लिए राहत

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • गो फर्स्ट को मिली फंडिंग
  • बैंकों से मिले 425 करोड़ रु
  • जल्द फिर से शुरू कर सकती है ऑपरेशन

Go First Gets Interim Fund: नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइंस गो फर्स्ट (Go First) को राहत मिली है। दरअसल इसके कर्जदाताओं (Creditors) ने एयरलाइन को फिर से चालू करने के मकसद से 425 करोड़ रुपये की अंतरिम फंडिंग को मंजूरी दे दी है। हालांकि अंतरिम फंडिंग के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी गई है, मगर अभी बैंकों के बोर्डों की मंजूरी भी ली जानी बाकी है।

किन बैंकों से मिलेगा पैसा

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) एयरलाइन के कंसोर्टियम कर्जदाता हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ये बैंक अंतरिम फंडिंग को मंजूरी देने के लिए बोर्ड की मंजूरी मांगेंगे, जिसके बाद एयरलाइन को ऑपरेशन शुरू करने के लिए डीजीसीए (DGCA) की मंजूरी लेनी होगी।

ऑपरेशन फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार गो फर्स्ट के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल शैलेन्द्र अजमेरा ने इसके रिवाइवल प्लान के लिए एयरलाइंस फाइनेंसरों से अंतरिम फंडिंग के रूप में 425 करोड़ रुपये की मांग की थी। इससे ऑपरेशन फिर से शुरू करने में मदद मिल सकेगी।

अगले महीने हो सकती है फ्लाइट उड़ाने की शुरुआत

इस सप्ताह की शुरुआत में हुई एक बैठक में फंड का प्रस्ताव गो फर्स्ट के कर्जदाताओं की समिति के सामने रखा गया था। गो फर्स्ट ने जुलाई में ऑपरेशन फिर से शुरू करने और 22 विमानों के साथ 78 डेली फ्लाइट उड़ाने की योजना बनाई है। कैश की कमी से जूझ रही एयरलाइन के विमान 3 मई से खड़े हैं।

कितना है कर्ज

गो फर्स्ट की इंसॉल्वेंसी फाइलिंग के मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक और डॉयचे बैंक को इसके लेनदारों के तौर पर लिस्ट किया गया है। इनका एयरलाइन पर कुल 6,521 करोड़ रुपये का बकाया है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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