Go First Insolvency: दिवालिया प्रॉसेस से गुजर रही Go First के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। लगातार रद्द होती फ्लाइट के बीच कंपनी को अपने प्रमुख कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का डर सता रहा है। इसके लिए कंपनी अपने प्रमुख कर्मचारियों को रोकने के जतन में लग गई है। इसके तहत इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों को वापस लौटने के लिए बोनस, फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी में 50 हजार तो पॉयलट की सैलरी में एक लाख रुपये तक इजाफा करने का ऑफर दे रही है। इसके लिए कंपनी ने बकायदा कर्मचारियों को मेल भी भेजा है कि नया सैलरी स्ट्रक्चर एक जून से लागू हो जाएगा।
क्या है नया ऑफर
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों को भेजे गए ई-मेल में एक जून से नया ऑफर देने की बात कही गई है। इसके तहत पॉयलट को सैलरी में एक लाख रुपये प्रति माह और फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी में 50 हजार रुपये प्रति माह का इजाफा करने की बात कही गई है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों ने गो फर्स्ट के ग्राउंडेड होने के बाद इस्तीफा दे दिया है, उन्हें भी वापस आने के लिए कंपनी ने रिटेंशन बोनस देने की बात कही है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों को 15 जून तक इस्तीफा वापस लेने को कहा गया है।
30 दिन में Go First को देना है रिवाइवल प्लान
इसके पहले पिछले हफ्ते एविएशन रेग्युलेटर DGCA ने गो फर्स्ट को 30 दिन के अंदर अपना रिवाइवल प्लान पेश करने को कहा है। जिसमें उसने कंपनी से उसके पास मौजूद पॉयलट की डिटेल देने को कहा है। कंपनी को उम्मीद है कि वह जल्द ही फिर से ऑपरेशन शुरू कर लेगी। इसके पहल गो फर्स्ट की सभी उड़ाने 30 मई तक रद्द कर दी गई थी। इसके पहले फाइनेंशियल संकट में फंसी गो फर्स्ट ने 3 मई से ग्राउंडेड हो गई थी। और उसके बाद एनसीएलटी (NCLT)ने दिवालिया प्रॉसेस को हरी झंडी दिखा दी थी। इस बीच कंपनी को किसी भी कर्मचारी को नहीं निकालने के भी निर्देश दिए थे।
