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वैश्विक स्तर पर बढ़ी सोने की डिमांड, जनवरी मार्च तिमाही में दो प्रतिशत बढ़ी मांग

WGC की 2026 की पहली तिमाही की “स्वर्ण मांग रुख” रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में सोने की कुल मांग बढ़कर 1,231 टन हो गई। पिछले साल यानी 2025 की इसी तिमाही में यह 1,205 टन थी, यानी मात्रा में बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं रही।

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दुनिया भर के बाजार में बढ़ी गोल्ड की डिमांड।(फोटो क्रेडिट-iStock)

जनवरी से मार्च तिमाही में दुनिया भर में सोने की मांग पिछले साल की तुलना में 2% बढ़कर 1,231 टन हो गई है। यह जानकारी विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) की रिपोर्ट में दी गई है, जो बुधवार को जारी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में बढ़ते तनाव और सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद, सोने की छड़ों और सिक्कों में निवेश बहुत तेजी से बढ़ा है। इस निवेश में 42% की बढ़ोतरी हुई, और यही कुल मांग बढ़ने का सबसे बड़ा कारण रहा।

WGC की 2026 की पहली तिमाही की “स्वर्ण मांग रुख” रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में सोने की कुल मांग बढ़कर 1,231 टन हो गई। पिछले साल यानी 2025 की इसी तिमाही में यह 1,205 टन थी, यानी मात्रा में बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं रही। लेकिन खास बात यह है कि सोने की कीमतें ज्यादा होने की वजह से इसकी कुल वैल्यू में बड़ा उछाल आया। मांग का कुल मूल्य 74% बढ़कर रिकॉर्ड 193 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि भले ही सोने की मात्रा थोड़ी ही बढ़ी, लेकिन उसकी कीमत बढ़ने से कुल बाजार मूल्य काफी ज्यादा हो गया।

जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोने की औसत कीमत 81 प्रतिशत बढ़कर 4,873 डॉलर प्रति औंस हो गई, जो पिछले वर्ष 2025 की इसी अवधि में 2,860 डॉलर प्रति औंस थी।

छोटे निवेश सोने की तरफ हो रहे आकर्षित

डब्ल्यूजीसी के भारत के क्षेत्रीय सीईओ सचिन जैन ने बताया कि दुनिया में बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के कारण छोटे निवेशक सोने की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि सोना एक सुरक्षित निवेश है और इसकी कीमत भी बढ़ रही है, इसलिए वे इसमें पैसा लगा रहे हैं। इसी वजह से सोने की छड़ों और सिक्कों की मांग में 42% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में लोगों का झुकाव सोने की ओर बढ़ा है, जिससे सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में और ज्यादा मजबूत बनकर सामने आया है।

चीन में सोने की छड़ों और सिक्कों की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। यह 67% बढ़कर 207 टन तक पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 2013 की दूसरी तिमाही में 155 टन का रिकॉर्ड था, जिसे अब काफी पीछे छोड़ दिया गया है।

इन देशों में भी बढ़ी निवेश की मांग

सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि भारत, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे एशियाई देशों में भी इस तरह के निवेश की मांग बढ़ी है। इससे यह संकेत मिलता है कि लोग अब सोने को छड़ों और सिक्कों के रूप में ज्यादा खरीद रहे हैं, यानी मांग का पैटर्न बदल रहा है। अमेरिका और यूरोप में भी इस श्रेणी की मांग में बढ़ोतरी हुई है, जहां यह क्रमशः 14% और 50% तक बढ़ी है। कुल मिलाकर, दुनियाभर में सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाने का रुझान मजबूत होता दिख रहा है।

(इनपुट- भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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