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GIC Re OFS: जीआईएस में 5 सितंबर को रिटेल निवेशक के पास पैसा लगाने का मौका, शेयर में गिरावट

GIC Re OFS: शेयर बिक्री से 395 रुपये प्रति इक्विटी प्राइस पर सरकारी खजाने को लगभग 4,700 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। जीआईसी अक्टूबर, 2017 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। सरकार ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) से 9,685 करोड़ रुपये जुटाए थे।

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जीआईसी ओएफएस

GIC Re OFS:सरकार जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इसके तहत सरकार, कंपनी में अपनी 6.78 प्रतिशत हिस्सेदारी 395 रुपये प्रति शेयर के भाव में बेचेगी।बिक्री पेशकश (ओएफएस) के तहत 11.90 करोड़ से अधिक शेयर यानी 6.78 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी जाएगी। यह पेशकश बुधवार को संस्थागत निवेशकों के लिए खुल गई है। जबकि खुदरा निवेशक बृहस्पतिवार को बोली लगा सकेंगे।शेयर बिक्री से 395 रुपये प्रति इक्विटी प्राइस पर सरकारी खजाने को लगभग 4,700 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

क्यों बेच रही है हिस्सेदारी

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहित कांत पांडेय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि जनरल इंश्योरेंस कॉपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) के लिए बुधवार को गैर-खुदरा निवेशक बोली लगा सकेंगे जबकि खुदरा और जीआईसी के कर्मचारी बृहस्पतिवार को बोली लगाएंगे। सरकार 3.39 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही जबकि ज्यादा बोली आने पर 3.39 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प रखा गया है।सरकार के पास वर्तमान में जीआईसी में 85.78 प्रतिशत हिस्सेदारी है।जीआईसी अक्टूबर, 2017 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। सरकार ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) से 9,685 करोड़ रुपये जुटाए थे।

शेयर गिरे

सरकार के इस फैसले के बाद GIC के शेयर दोपहर 1.15 बजे करीब 5 फीसदी गिर गए। कंपनी के शेयर 20 रुपये से ज्यादा गिरकर 400.70 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। पिछले एक साल में जीआईसी के शेयर ने 77 फीसदी का रिटर्न दिया है। और पिछले 6 महीने में कंपनी का रिटर्न निवेशकों के लिए करीब फ्लैट रहा है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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