Gensol Engineering: आज के शेयर बाजार में Gensol Engineering के शेयरों में 2% की बढ़त दर्ज की गई, जो ₹579.45 प्रति शेयर तक पहुंच गए। यह उछाल कंपनी के उस रेगुलेटरी फाइलिंग के बाद आया जिसमें उसने अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी, Scorpius Trackers Inc. की बिक्री के लिए ₹350 करोड़ की गैर-बाध्यकारी टर्म शीट साइन करने की घोषणा की।
क्या है डील का महत्व?
यह डील Gensol Engineering की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह हाई-वैल्यू एसेट्स को मोनेटाइज़ कर अपनी मूल वृद्धि योजनाओं में पूंजी निवेश कर रही है। इस लेन-देन में Scorpius Trackers की उन्नत सोलर ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी के वैश्विक आईपी राइट्स (भारत को छोड़कर) के ट्रांसफर का भी प्रावधान है।
कंपनी के अनुसार, यह सौदा दो चरणों में पूरा होगा, जिसकी अंतिम प्रक्रिया मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालाँकि, यह सौदा अभी भी ड्यू डिलिजेंस, नियामक और अन्य अनुमोदनों पर निर्भर करेगा।
कैसे उपयोग होंगे डील से मिले फंड?
Gensol Engineering ने कहा कि इस सौदे से प्राप्त राशि को भारत में Scorpius Trackers के संचालन का विस्तार करने, सोलर EPC बिजनेस को बढ़ाने और कंपनी के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पुनः निवेश किया जाएगा। इससे कंपनी की नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) बढ़ेगी और बैलेंस शीट मजबूत होगी।
Gensol Engineering के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, अनमोल जग्गी ने कहा, "यह डील Gensol की सहायक कंपनियों की आंतरिक मूल्य शक्ति और हमारे नवाचार-केंद्रित दृष्टिकोण की पुष्टि करती है। Scorpius Trackers के अमेरिकी व्यवसाय को मोनेटाइज़ करके, हम भारत में उच्च-विकास अवसरों में पुनः निवेश कर सकते हैं और अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। यह हमारे दीर्घकालिक विज़न और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
Gensol Engineering के हालिया प्रोजेक्ट्स और ऑर्डर
Gensol Engineering पिछले कुछ महीनों से Dalal Street पर चर्चा में है, खासकर अपने लगातार बड़े ऑर्डर जीतने की वजह से। 5 जनवरी 2025 में कंपनी को एक 275 मेगावाट सोलर PV प्रोजेक्ट का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,061.97 करोड़ है। दिसंबर 2024 में NTPC Renewable Energy (NTPC REL) के लिए 225 MW-AC ग्रिड-कनेक्टेड सोलर PV प्रोजेक्ट का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला, जिसकी कुल बोली ₹897.47 करोड़ थी।
सितंबर 2024 में भारत की पहली बायो-हाइड्रोजन परियोजना के विकास के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली (L1) कंपनी बनी।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
