गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने देश में महिलाओं द्वारा संचालित 1.85 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मान्यता प्राप्त 31,005 स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद के पारदर्शी अवसर प्रदान कर सशक्त किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को यह जानकारी दी। बीते वित्तीय वर्ष में GeM प्लेटफॉर्म पर 72.36 लाख से अधिक ऑर्डर दिए गए, जिनकी कुल वैल्यू 5.43 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म किस हद तक सरकारी खरीद में अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है।
2016 में हुई थी शुरुआत
GeM की शुरुआत वर्ष 2016 में सरकारी एजेंसियों को पारदर्शी और कुशल खरीद प्रणाली मुहैया कराने के उद्देश्य से की गई थी। यह एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उत्पादों और सेवाओं दोनों के लिए काम करता है।
वित्त वर्ष 2019-20 में GeM पर सेवा क्षेत्र को अलग से शामिल किया गया, जिसमें शुरुआत में मैनपावर सप्लाई, कैब सेवा, सुरक्षा, साफ-सफाई जैसी मूलभूत सेवाएं जोड़ी गईं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीयूष गोयल ने GeM के आठवें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा, "GeM केवल एक मार्केटप्लेस नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी आंदोलन बन चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के जरिए महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने का नया अवसर मिला है। गोयल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप है, जो हर उद्यम को भारत के विकास में भागीदार बनने का मौका दे रहा है।
2024-25 में मैनपावर और बीमा में भी बढ़त
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में GeM ने 10 लाख से अधिक मैनपावर की भर्ती में मदद की। इसके अलावा, 1.3 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य, जीवन और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा भी मुहैया कराया गया।
सरकारी संस्थानों को अधिक पारदर्शिता और दक्षता से बीमा सेवाएं देने के लिए जनवरी 2022 में GeM प्लेटफॉर्म पर बीमा सेवा श्रेणी की शुरुआत की गई थी।
