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Fujiyama Power IPO Discount Listing : पहले दिन ही फ्यूज उड़ गया! ₹228 का शेयर 4 पर्सेंट डिस्काउंट पर हुआ लिस्ट

Fujiyama Power IPO Discount Listing : लिस्टिंग से पहले भी शेयर के बारे में बाजार का रुख बहुत मजबूत नहीं दिखा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ 0.22% पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एलॉटमेंट वाले दिन यह करीब 1.32% था। यह साफ संकेत था कि निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

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Fujiyama Solar IPO Listing

Fujiyama Power IPO Discount Listing : Fujiyama Power IPO ने शेयर बाजार में शुरुआत तो की, लेकिन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। ₹228 के इश्यू प्राइस वाला यह शेयर लिस्टिंग के पहले ही दिन फिसल गया और करीब 4% डिस्काउंट पर बाजार में एंट्री की। निवेशक जहां मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद कर रहे थे, वहीं कमजोर शुरुआत ने कई लोगों को चौंका दिया। शुरुआती गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार फिलहाल इस शेयर को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है।

फुजियामा पावर सिस्टम्स के शेयरों ने 20 नवंबर 2023 को शेयर बाजार में उम्मीद के मुकाबले काफी कमजोर शुरुआत की। बीएसई पर शेयर ₹218.40 पर लिस्ट हुआ, जो कि इसके आईपीओ प्राइस ₹228 से करीब 4.21% कम है। एनएसई पर भी शेयर ₹220 पर खुला, यानी 3.51% की छूट के साथ। डेब्यू के वक्त कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹6,692 करोड़ था।

लिस्टिंग से पहले भी शेयर के बारे में बाजार का रुख बहुत मजबूत नहीं दिखा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ 0.22% पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एलॉटमेंट वाले दिन यह करीब 1.32% था। यह साफ संकेत था कि निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

कितने रुपए जुटाए?

आईपीओ की बात करें तो फुजियामा पावर सिस्टम्स ने 13 से 17 नवंबर के बीच जारी ऑफर में कुल ₹828 करोड़ जुटाए। इसमें ₹600 करोड़ का नया इश्यू और ₹228 करोड़ के शेयर प्रमोटर्स द्वारा बेचने की पेशकश शामिल थी। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹216–₹228 रखा गया था। सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी दिखी और यह आईपीओ ओवरसब्सक्राइब भी हुआ।

फिर भी लिस्टिंग के दिन शेयर का कमजोर प्रदर्शन कई लोगों को हैरान कर गया। ऐसे माहौल में सवाल यह है कि निवेशक क्या करें? आनंद राठी ब्रोकिंग के रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी के अनुसार, कमजोर डेब्यू के बावजूद कंपनी लंबी अवधि के लिए अच्छी संभावनाएं रखती है। फुजियामा पावर सिस्टम्स सोलर इनवर्टर, पैनल, बैटरी और कंट्रोलर जैसे प्रोडक्ट के साथ एक मजबूत B2C मॉडल रखती है। उनका कहना है कि कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो इसे आने वाले वर्षों में फायदा दे सकती है।

कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

कंपनी आईपीओ से मिले फंड का उपयोग कई बड़े प्रोजेक्ट्स में करने वाली है जिसमें मध्य प्रदेश के रतलाम में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने पर ₹180 करोड़ खर्च होंगे और ₹275 करोड़ कर्ज चुकाने में जाएंगे। बाकी राशि कंपनी अपनी सामान्य जरूरतों के लिए रखेगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन इसके FY25 के अनुमानित EPS का करीब 45 गुना बैठता है, जो इसे सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाता है।

कुल मिलाकर, भले ही फुजियामा पावर सिस्टम्स का डेब्यू कमजोर रहा हो, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार कंपनी की लंबी अवधि की कहानी सकारात्मक दिखती है। बदलते बाजार और बढ़ती सौर ऊर्जा की मांग को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अगले कुछ महीनों में अपनी रणनीति को कितना सफलतापूर्वक लागू कर पाती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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