Who is Tuhin Kanta New SEBI Chief : कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया अध्यक्ष नियुक्त (Sebi New Chief Appointed) किया है। वह मौजूदा प्रमुख माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है। पांडे तीन वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे। सरकार ने जनवरी 2025 में इस पद के लिए आवेदन मांगे थे, जिसकी अंतिम तिथि 17 फरवरी थी। योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए वित्त मंत्रालय ने अखबारों में विज्ञापन भी प्रकाशित किए थे। इसके बाद, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तुहिन कांत पांडे के नाम पर मुहर लगाई।
सेबी प्रमुख की सैलरी और जिम्मेदारियां
SEBI अध्यक्ष का पद भारतीय शेयर बाजार की निगरानी और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पद पर तैनात व्यक्ति को भारत सरकार के सचिव के समकक्ष वेतन मिलता है, जो 5,62,500 रुपये प्रति माह (बिना आवास और वाहन सुविधा) निर्धारित है।
तुहिन कांत पांडे का करियर और अनुभव
तुहिन कांत पांडे भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे पहले निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव थे, जहां उन्होंने एयर इंडिया के निजीकरण और LIC के IPO जैसी बड़ी परियोजनाओं को संभाला। इसके अलावा, वे वित्त मंत्रालय में भी वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे हैं।
ओडिशा से ताल्लुक, मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ओडिशा से आने वाले तुहिन कांत पांडे ने पंजाब यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और अंग्रेजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। उनकी वित्तीय समझ और प्रशासनिक अनुभव से SEBI को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सेबी के पूर्व अध्यक्षों की भूमिका
माधबी पुरी बुच ने 2 मार्च 2022 को SEBI प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। वे इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं। उनके कार्यकाल में बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए। इससे पहले, अजय त्यागी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी SEBI के अध्यक्ष रह चुके हैं।
तुहिन कांत के सामने चुनौतियां
तुहिन कांत पांडे को शेयर बाजार की स्थिरता बनाए रखने, निवेशकों का विश्वास बढ़ाने और नियामक नीतियों को मजबूत करने जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना होगा। उनके नेतृत्व में SEBI नए सुधारों को अपनाकर बाजार को अधिक संगठित और सुरक्षित बना सकता है।
