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FPI Investment: बजट से पहले FPI मेहरबान, 12 जुलाई तक 15352 करोड़ का निवेश

FPI Investment: एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 8,484 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे इस साल अबतक बॉन्ड बाजार में उनका निवेश 77,109 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 2024 में जहां हर महीने शेयर बाजार में शुद्ध खरीददार रहे हैं, वहीं एफपीआई के प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

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FPI जमकर खरीद रहे शेयर

Photo : iStock

FPI Investment:विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जुलाई के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयर बाजारों में 15,352 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। सरकार की सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता और मजबूत घरेलू मांग की वजह से एफपीआई का भारतीय बाजार में प्रवाह बढ़ा है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने अबतक (12 जुलाई तक) शेयरों में शुद्ध रूप से 15,352 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जून में उन्होंने शेयरों में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया था।वहीं आम चुनाव को लेकर असमंजस के बीच एफपीआई ने मई में शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये निकाले थे।

बजट पर नजर

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक के प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी निवेशकों के लिए आगामी आम बजट आर्थिक वृद्धि के लिए सरकार की योजनाओं को समझने का सबसे प्रमुख जरिया होगा।

समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 8,484 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे इस साल अबतक बॉन्ड बाजार में उनका निवेश 77,109 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 2024 में जहां हर महीने शेयर बाजार में शुद्ध लिवाल रहे हैं, वहीं एफपीआई के प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एफपीआई ने जनवरी, अप्रैल और मई में कुल मिलाकर 60,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं फरवरी, मार्च और जून में उन्होंने 63,200 करोड़ रुपये की खरीदारी की है।

घरेलू संस्थागत का क्या है नजरिया

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने अबतक (12 जुलाई तक) शेयरों में शुद्ध रूप से 15,352 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जून में उन्होंने शेयरों में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया था।वहीं आम चुनाव को लेकर असमंजस के बीच एफपीआई ने मई में शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये निकाले थे। मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि की चिंता के बीच अप्रैल में एफपीआई ने 8,700 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की थी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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